CG news - छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: यूरिया-डीएपी खाद के लिए टोकन व्यवस्था खत्म, किसानों को मिलेगी सीधी राहत
रायपुर // डिजिटल उग्र प्रभा
खरीफ सीजन के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए यूरिया और डीएपी खाद वितरण में लागू टोकन (ई-टोकन) व्यवस्था समाप्त कर दी है। अब किसान बिना टोकन के निर्धारित प्रक्रिया के तहत सहकारी समितियों और अधिकृत विक्रेताओं से खाद प्राप्त कर सकेंगे। सरकार का दावा है कि इस निर्णय से किसानों का समय बचेगा, लंबी प्रतीक्षा समाप्त होगी और खाद वितरण व्यवस्था अधिक सरल एवं पारदर्शी बनेगी। सरकार के अनुसार खरीफ 2026 सीजन को देखते हुए राज्य में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी सहित उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। जुलाई माह में डीएपी की अतिरिक्त आपूर्ति भी राज्य को मिली है, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
कृषि विभाग का कहना है कि टोकन व्यवस्था हटने के बाद किसान सीधे निर्धारित केंद्रों पर जाकर अपनी पात्रता के अनुसार खाद प्राप्त कर सकेंगे। इससे भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ वितरण प्रक्रिया को भी आसान बनाया जाएगा। सरकार ने अधिकारियों को कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
किसानों को क्या होगा लाभ?
यूरिया और डीएपी के लिए टोकन लेने की बाध्यता समाप्त।
खाद वितरण प्रक्रिया होगी अधिक सरल और तेज।
समितियों में अनावश्यक इंतजार से मिलेगी राहत।
समय पर खाद मिलने से खरीफ फसलों की बुवाई में होगी सुविधा।
कालाबाजारी रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था रहेगी जारी। सोर्स: छत्तीसगढ़ सरकार से संबंधित उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टें एवं मीडिया रिपोर्ट।
मध्यप्रदेश के किसान अब भी ई-टोकन व्यवस्था से परेशान
वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश में उर्वरक वितरण के लिए ई-टोकन व्यवस्था लागू है। किसानों को पहले ऑनलाइन ई-टोकन बुक कराना पड़ता है, जिसके बाद निर्धारित समय सीमा में खाद प्राप्त करनी होती है। सरकार का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और कालाबाजारी पर रोक लगेगी। हालांकि, प्रदेश के कई क्षेत्रों से किसानों की शिकायतें सामने आ रही हैं कि यूरिया की मांग अधिक होने के कारण उन्हें बार-बार ऑनलाइन सेवा केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। किसान ई-टोकन कटने की उम्मीद में लगातार उपलब्धता की जानकारी ले रहे हैं, लेकिन कई बार टोकन नहीं मिल पा रहा। इससे किसानों में निराशा बढ़ रही है। कई किसान समय पर खाद पाने के लिए अपने जिले से बाहर, 50 से 100 किलोमीटर दूर तक स्थित वितरण केंद्रों से भी यूरिया लाने को तैयार हैं। ऐसे में किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन के महत्वपूर्ण समय में खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को और अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। एक ओर छत्तीसगढ़ सरकार ने टोकन व्यवस्था समाप्त कर किसानों को राहत देने का निर्णय लिया
