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Bjp news:डॉ.नितिन के आने से परासिया विधानसभा बना भाजपा के लिए त्रिकोणीय मुकाबला

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  •  डॉ.नितिन के आने से परासिया विधानसभा बना भाजपा के लिए त्रिकोणीय मुकाबला 

  •  क्या डॉ.नितिन के प्रदेश भाजपा के मीडिया पैनलिस्ट और मोर्चे के प्रदेश पदाधिकारी बनने बाद से बदले परासिया की राजनीति के समीकरण ?
  • लगातार पुराने चेहरों की सक्रियता बढ़ी क्या युग परिवर्तन या राजनैतिक चेहरे का होगा बदलाव ?

परासिया// उग्र प्रभा 

इन दिनों प्रदेश भाजपा में घोषणाओं का दौर चल रहा है , जिसमें इस बार छिंदवाड़ा को संभाग के रूप में रचना में लिया गया है ,जिसके कारण जिले से भी कार्यकर्ताओं को प्रदेश मोर्चे और भाजपा में मौका मिला है , उसमें भी सबसे ज्यादा चर्चा कोयलांचल की है जहां सबसे ज्यादा प्रदेश भाजपा के मोर्चा में यहां की कार्यकर्ताओं को जगह मिली है , पर सबसे ज्यादा अधिक किसी चेहरे की चर्चा है तो वह डॉ.नितिन मोहन डेहरिया की है , फरवरी माह में पहले इन्हें प्रदेश अजा मोर्चे का सोशल मीडिया प्रभारी बनाया गया उसके डेढ़ माह बाद ही इन्हें मुख्य भाजपा में मीडिया पैनलिस्ट को जिम्मेदारी दी गई , क्योंकि नितिन की शिक्षा पत्रकारिता में पीएचडी है , विचारधारा के क्षेत्र में एक अच्छे वक्ता और लेखक के रूप में इन्हें जाना जाता है , संघ की पटपाठी से आते है और इंदौर में शिक्षा ग्रहण करने के दौरान संघ में सक्रियता के बाद विद्यार्थी परिषद मध्य भारत - मालवा में करीब 9 वर्ष सक्रिय रहे है , विभिन्न दायित्वों का निर्वहन इन्होंने किया है , पूरे प्रदेश सहित देश के बड़े आयोजनों में भी इन्होंने प्रतिनिधित्व किया है , आंदोलनकारी और तीव्र प्रवृत्ति के साथ साथ कुशल व्यवहार के संगठन और वक्ता के रूप में इनकी पहचान वर्षों में इन्होंने गढ़ी है , इनकी भाजपा में एंट्री के बाद से कोयलांचल के राजनीति में जैसे हलचल तेज होगयी है , वर्षों से एकांत में रहे चेहरे में अब ग्राउंड में सक्रिय होगये है , नितिन की घोषणा के बाद से ही वह अपने दायित्व को जिस तरह से निभा रहे है और साथ साथ ज़मीन स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ संगठन कार्य में लगे है , युवाओं का जिस तरह से इस नए चेहरे को साथ मिल रहा है , और ग्राम ग्राम में इन्हें व्यवहार और स्नेही स्वभाव से जो समर्थन मिल रहा है वह सोशल मीडिया में भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है , लगातार विचारधारा के लिए और संगठन द्वारा दिए निर्देशन में ये अपने दायित्व में सक्रिय है , कहीं ना कहीं यह सब राजनैतिक हलचल आने वाले समय में परासिया विधानसभा में त्रिकोणीय मुकाबले का संकेत दे रही है , जहां एक और वर्तमान विधानसभा प्रभारी ज्योति डेहरिया है , पूर्व विधायक ताराचंद बावरिया है और तीसरे केंद्र के रूप में नितिन ने काफी प्रबलता से अपना चेहरा स्थापित कर लिया है , लेकिन ये तीसरा चेहरा और इसे जिस तरह से पसंद किया जा रहा है , जिस तरह से सोशल मीडिया में इसकी चर्चा है ये इस मुकाबले का एक रोचक रूप बनाएगा ऐसा प्रतीत होता है , बहरहाल अब ये देखना होगा कि ऊंट किस करवट बैठता है ,

इसे हम इस त्रिकोणीय समीकरण से समझते है ,


सबसे पहले केंद्र इसमें ज्योति डेहरिया है जो पिछले चुनाव में भाजपा का चेहरा रही और वर्तमान में विधानसभा प्रभारी है और हाल ही में इन्हें प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बनाया गया है इससे पहले यह जिला अजा मोर्चा की अध्यक्षा भी रही है , महिलाओं की टीम इनके साथ अच्छी है यह भी लगातार विधानसभा में सक्रिय होगई है,अपनी वक्तव्य शैली को विकसित प्रभावी बनाने में प्रयास कर रही है , पिछले चुनाव में यह काफी कम मतों के अंतर से चुनाव में पराजय हुई थी जिसके बाद से कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं के अनुरूप सहयोग नहीं हो पा रहा है , इनका कहना है कि कुछ संगठन विरोधी लोगों ने इन्हें इस चुनाव में हरवाने के लिए षडयंत्र रचे थे जिसके कारण यह पराजय हुई , इनके साथ भी अच्छी टीम है पर पिछले कुछ समय से राजनैतिक आरोप प्रत्यारोप के दौर में राजनैतिक सरगर्मी बढ़ी है , लेकिन इनके सक्रियता से शायद यह स्थिति काबू में आजाए , इनका व्यवहार बहुत ही मधुर और कार्यकर्ताओं को चिंता करने वाला बताया जाता है , लगातार ये कार्यकर्ताओं के संपर्क में रहती है ।

दूसरे केंद्र है पूर्व विधायक ताराचंद बावरिया 


ये परासिया विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक रहे है 10 साल इन्होंने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है , वर्ष 1998 में पहली टिकिट इन्हीं मिली थी जिसमें यह हार गये थे दूसरा चुनाव भारी बहुमत से 2003 में जीते , 2008 में काफी कम मतों से यह विजय हुए यह आंकड़ा पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय भी रहा , पर 2013 विधानसभा में हार का सामना करना पड़ा , संगठन ने दोबारा 2018 ने मौका दिया पर फिर ये वहां से पराजय हुए जिसके बाद संगठन में इनका दबदबा कम हुआ , और इनके कार्यकाल में कोयलांचल में आपराधिक मामलों में भी बढ़ोतरी हुई थी ऐसा जमीनी आंकड़ों का कहना है जिसके कारण इन्हें लगातार दो हार का सामना करना पड़ा , लेकिन यह एक अच्छे वक्ता और एक अनुभवी कार्यकर्ता है जिसके कारण संगठन इन्हें समय समय पर मौका देता है और हाल ही में प्रशिक्षण वर्गों में यह वक्ता के रूप में जबलपुर संभाग के जिलों में भी गए , पर जमीनी हालत इनके पक्ष में नज़र नहीं आते , एंटी इंकमबेंसी का दायरा इनके साथ भी बड़ा है , इनके सुपुत्र सौरभ बावरिया भी प्रदेश अजा मोर्चा के प्रदेश मंत्री है और जबलपुर संभाग के प्रभारी है , पूर्व विधायक ताराचंद बावरिया के पास स्थानीय पुराने अनुभवी चेहरों का साथ भी है जो इनकी एक बड़ी ताकत मानी जाती है , 10 साल में इन्होंने बड़े बड़े आयोजनों से खूब चर्चाएं भी बनाई , लंबी चुनरी यात्राओं में बड़ी मात्रा में जनसमर्थन देखने को मिलता था , मंधान डेम का निर्माण इनके कार्यकाल की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जाता है ।

तीसरा और एकदम नया पहलू है डॉ.नितिन मोहन डेहरिया  


उम्र में मात्र 28 वर्ष के है और कोयलांचल की राजनीति के लिए एक शिक्षित और साफ नई छवि के युवा नेता के रूप में देखें जा रहे है , स्कूल शिक्षा के बाद से इंदौर में ये रहे वहां पर स्नातक , स्नातकोत्तर के साथ साथ पीएचडी की शिक्षा पूर्ण की , इस दौरान संघ के महाविद्यालयीन कार्यों में प्रशिक्षण लिया और तत्पश्चात विद्यार्थी परिषद में 9 साल काम किया है , कॉलेज इनके से लेकर महानगर और प्रांत के छात्रावास संबंधित कार्य दायित्व का  निर्वहन किया है , एक अच्छे कुशल वक्ता और लेखक के रूप में पहचान बनाई है किताबें लिखी है , अपनी वक्ता शैली के कारण छात्र राजनीति के दौर से ही प्रसिद्ध रहे है , राज्यकीय और राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है वर्ष 2019 में भारत सरकार के राष्ट्रीय युवा संसद दिल्ली में छिंदवाड़ा के मुख्य वक्ता के रूप में प्रधानमंत्री मोदी के आतिथ्य वाले कार्यक्रम में भी सहभागिता की है , 2022 के बाद से ये मुक्त थे , और अभी हाल ही की घोषणाओं में इन्हें मोर्चे के दायित्व के साथ साथ प्रदेश भाजपा का पैनलिस्ट बनाया गया है जिसके बाद से ये क्षेत्र में सक्रिय हुए है और साथ साथ अपने दायित्व को भी इस तरह से निभा रहे है कि इनकी वीडियो क्लिप्स सोशल मीडिया में वायरल भी हो रही है , संगठन के विचारों को मतों को बड़ी ही प्रखरता से ये रख रहे है और इन दो माह में ही युवाओं की बड़ी टीम खड़ी होगयी है स्थानीय संगठन के कार्यकर्ताओं में एक अलग ही विश्वास इनके प्रति नजर आ रहा है जैसे इसी पल का सभी को इंतजार था और गांव गांव में इनकी चर्चाएं भी है क्योंकि इनका व्यवहार बहुत ही मिलनसार बताया जाता है साथ ही इनकी शिक्षा और संगठन कार्यकुशलता के कारण भी इनकी एंट्री से ये त्रिकोणीय मुकाबला चुनाव से ढाई वर्ष पहले ही बहुत रोचक बन गया है

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