मोहिता जगदेव,उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा
ज़िले के साहित्यकारों से "विजयगान" कविसम्मेलन एवं शहीद परिवार समारोह को सफल बनाने की अपील..*
कारे मेघा पानी दे..*
रामलाल सराठे 'रश्मि'..
युद्ध एक पागलपन है...
-अशोक जैन
या बातें कर या घुटकर मर...
- राजेंद्र चौबे
प्रियतम ! वेणु बजा...
- अवधेश तिवारी
उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा: आंचलिक साहित्यकार-परिषद् की छिन्दवाड़ा इकाई की मासिक काव्य-गोष्ठी संकट-मोचन हनुमान- मंदिर नरसिंहपुर रोड छिंदवाड़ा के परिसर में संपन्न हुई। सर्वप्रथम देवी वीणापाणि की वंदना परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष श्री नंदकुमार दीक्षित ने प्रस्तुत की तत्पश्चात प्रिंस शर्मा, राकेश राज, अंकुर वाल्मीकि, राजेंद्र चौबे,लक्ष्मण प्रसाद डेहरिया, शशांक पारसे, विशाल शुक्ल, नंदकुमार दीक्षित,इंद्रजीत सिंह ठाकुर,ज्योति गुप्ता, अशोक जैन, दौलतराम यदुवंशी,विश्वेश चंदेल, प्रीति जैन शक्रवार, रामलाल सराठे,राजेंद्र यादव, रत्नाकर रतन तथा परिषद के अध्यक्ष अवधेश तिवारी ने अपना सरस काव्यपाठ प्रस्तुत किया। काव्यगोष्ठी के दौरान छिंदवाड़ा जिले के यशस्वी लेखक तथा कवि, आकाशवाणी और दूरदर्शन के सेवानिवृत्त महानिदेश एवं भारतीय ज्ञानपीठ के पूर्व निदेशक श्री लीलाधर जी मंडलोई की आत्मकथा 'जब से आँख खुली है' पर परिषद के अध्यक्ष ने चर्चा की। कार्यक्रम का सरस संचालन जाने-माने कवि राजेंद्र यादव ने किया।
इसके साथ ही साहित्य विधा से जुड़ी शहर की अग्रणी संस्था आंचलिक साहित्यकार परिषद के अध्यक्ष श्री अवधेश तिवारी एवं सचिव श्री रामलाल सराठे रश्मि द्वारा आगामी 26 जुलाई कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शहर में आयोजित होने जा रहे "विजयगान" कवि सम्मेलन एवं शहीद परिवार समारोह को सफल बनाने की अपील ज़िले के समस्त साहित्यकारों से की गई है। विदित हो कि उक्त आयोजन शाम 07 बजे से खजरी रोड स्थित होटल के सभागार में युवा प्रतिभा प्रोत्साहन मंच द्वारा आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में परिषद के सचिव श्री रामलाल सराठे द्वारा सभी उपस्थित सदस्यों, साहित्य-सेवियों एवं संकटमोचन मंदिर परिसर के व्यवस्थापकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

