राष्ट्रीय विप्र महासंघ द्वारा “सेवा माह” का शुभारंभ — जनसेवा, जीवदया एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु विशेष अभियान
भीषण गर्मी के बढ़ते प्रकोप एवं जनजीवन पर पड़ रहे प्रभाव को दृष्टिगत रखते हुए राष्ट्रीय विप्र महासंघ द्वारा समाजहित में दिनांक 01/05/2026 से 31/05/2026 तक व्यापक स्तर पर “सेवा माह” आयोजित किए जाने की घोषणा की गई है।राष्ट्रीय महासचिव पंडित आयुष दीक्षित ने जानकारी देते हुए बताया कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. ए. के. चौबे की सहमति पर इस सेवा माह के माध्यम से समाज में सेवा, संवेदना, जीवदया एवं पर्यावरण संरक्षण की भावना को जन-जन तक पहुँचाने हेतु विशेष जनअभियान चलाया जाएगा कार्यक्रम की शुरुवात राष्ट्रीय महासचिव की पुत्री 4 वर्षीय आन्या दीक्षित ने अपने हाथों से घर में 5 परिंदे पक्षियों के लिए जल तथा अनाज के तथा घर में गऊ माता व अन्य मूक जानवरो के लिए पानी की बाल्टिया रख कर की।
अभियान के अंतर्गत निम्न प्रमुख कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे—
एक घर – एक परिंडा अभियान
प्रत्येक परिवार अपने घर, छत, बालकनी, आँगन अथवा वृक्षों पर पक्षियों के लिए जलपात्र/परिंडा लगाए, जिससे भीषण गर्मी में पक्षियों को पेयजल उपलब्ध हो सके।
नो प्लास्टिक – मटका अभियान
दुकानदारों, व्यापारियों एवं संस्थानों से आग्रह किया गया है कि प्लास्टिक बोतलों/कंटेनरों के स्थान पर मटका रखकर राहगीरों एवं आमजन हेतु शीतल पेयजल की व्यवस्था करें तथा पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।
पशु जल सेवा अभियान
सभी सामाजिक बंधुओं से अपील की गई है कि वे अपने घर, प्रतिष्ठान, गली एवं मोहल्लों में “गऊ माता एवं अन्य मूक पशुओं हेतु प्रतिदिन एक बाल्टी जल” रखने का संकल्प लें, ताकि कोई भी जीव प्यासा न रहे।राष्ट्रीय विप्र महासंघ ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल सेवा कार्य नहीं, बल्कि समाज में मानवीय संवेदनाओं एवं भारतीय संस्कृति के मूल्यों को पुनर्स्थापित करने का एक व्यापक प्रयास है।
राष्ट्रीय विप्र महासंघ का संदेश:
“जहाँ सेवा है, वहीं संस्कार है;जहाँ जीवदया है, वहीं सच्चा धर्म है।”महासंघ ने समस्त सामाजिक, धार्मिक, युवा एवं व्यापारी संगठनों तथा आम नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में जुड़कर इस सेवा माह को सफल बनाएं एवं समाजहित में अपना योगदान दें। ज्ञात हो कि राष्ट्रीय विप्र महासंघ एक पंजीकृत अराजनीतिक संगठन है जिसका कार्यक्षेत्र सम्पूर्ण भारत है वर्तमान में राष्ट्रीय विप्र महासंघ की कार्यकारिणी 897 जिलो में प्रसारित एवं कार्यशील है |
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