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11 वर्षों से सेवा की मिसाल: नटनी माई समिति बनी पितृहीन बेटियों की सबसे बड़ी ताकत

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  11 वर्षों से सेवा की मिसाल: नटनी माई समिति बनी पितृहीन बेटियों की सबसे बड़ी ताकत 


अमरवाड़ा,उग्र प्रभा 

जहां एक ओर समाज में स्वार्थ और संवेदनहीनता की चर्चा होती है, वहीं दूसरी ओर नटनी माई क्षेत्रीय सेवा समिति पिछले 11 वर्षों से मानवता की ऐसी गाथा लिख रही है, जो हर दिल को झकझोर देती है और प्रेरणा से भर देती है।यह सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि उन दीन-दुखियों, अनाथ और पितृहीन बेटियों के लिए “जीवन का सहारा” बन चुकी है, जिनके पास कोई नहीं होता

🌸 जब समाज बना परिवार, बेटियों को मिला सम्मान 🌸

रविवार का दिन हिवरासानी, लखनवाड़ा और बारहहीरा की तीन बेटियों के लिए जीवन का सबसे यादगार दिन बन गया।समिति ने न सिर्फ उनकी आर्थिक मदद की, बल्कि उन्हें समाज के बीच सम्मान और अपनापन भी दिया।पैर पूजन जैसे पवित्र आयोजन ने यह संदेश दिया कि—


👉 “बेटियां बोझ नहीं, सम्मान की प्रतीक हैं।

🎁 30-30 हजार की मदद नहीं, एक नई जिंदगी की शुरुआत 


समिति द्वारा दी गई गृहस्थी सामग्री केवल सामान नहीं, बल्कि बेटियों के नए जीवन की मजबूत नींव है—

गोदरेज अलमारी से लेकर बर्तन तक

साड़ी-बिस्तर से लेकर जरूरी उपकरण तक

और ₹2100 की नगद राशि

इन सबने मिलकर बेटियों के जीवन में आत्मविश्वास और सुरक्षा का भाव भर दिया।खुशी के आंसुओं से भीगी आंखें यह बता रही थीं कि—

👉 “आज उन्हें सिर्फ मदद नहीं, अपना परिवार मिला है।

👩‍👧 संघर्ष की कहानी, सेवा का सहारा

शीला धुर्वे जैसी माताओं का संघर्ष किसी प्रेरणा से कम नहीं—पति के बिना, मजदूरी कर बेटी को एम.ए. तक पढ़ाना…लेकिन जब शादी का समय आया, तो चिंता ने घेर लिया।

और तभी—

👉 नटनी माई समिति फरिश्ता बनकर सामने आई।

🤝 11 वर्षों की सेवा: हर जरूरतमंद के साथ खड़ी संस्था

पिछले 11 वर्षों में समिति ने सैकड़ों जरूरतमंद परिवारों को सहारा दिया,

अनाथ बच्चों की शिक्षा से लेकर बेटियों के विवाह तक—हर मोर्चे पर यह संस्था समाज के लिए ढाल बनकर खड़ी रही।

समाज का भरोसा, सेवा का विस्तार

समिति के कार्यों से प्रभावित होकर छिंदवाड़ा के समाजसेवी राजेन्द्र भल्ला जी ने ₹55,000 की राशि दान देकर इस अभियान को और मजबूती दी।

यह बताता है कि—

👉 “अच्छे काम में समाज खुद जुड़ता चला जाता है।”

🌟 सेवा नहीं, एक आंदोलन है यह 🌟

समिति अध्यक्ष अरूण बूटी नेमा और उनकी टीम ने यह साबित कर दिया है कि—

👉“अगर इरादे मजबूत हों, तो छोटी सी पहल भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकती है।”

विस्तार से

*हिवरासानी,लखनवाड़ा, बारहहीरा की पितृहीन अति जरूरतमंद बेटियों के लिए रविवार का दिन लेकर आया खुशियां

*30-30 हजार रुपए की दहेज सामग्री पाकर खिल उठे पितृ हीन बेटियों के चेहरे

*नटनी माई क्षेत्रीय सेवा समिति अमरवाड़ा निरन्तर पेस कर रहीं मानवता की मिसाल

*गृहस्थी की सामग्री पाकर छलक पड़े खुशी के आंसू

*बेटियों की मां से समिति को मिली अनमोल दुआएं

अमरवाड़ा -रविवार-

हिवरासानी  जेल लाइन अमरवाड़ा निवासी शीला धुर्वे ने समिति संरक्षक बालकिशन साहू को बताया कि मेरी बेटी  प्रियंका 1 वर्ष की थी तब उसके पिताजी 23 वर्ष पहले भगवान को प्यार हो गए तब मैं उसे लेकर घंसौर अमरवाड़ा आ गई और मजदूरी करके मैंने उसे एम0 ए0 तक की शिक्षा दिलाई जब उसकी शादी तय हुई तो मुझे चिंता सताने लगी लेकिन गृहस्थी की सामग्री भेंट करने में प्रसिद्ध नगर की नटनी माई समिति की  याद आते ही मेरी चिंता कम हुई। उन्होंने बताया कि बिटिया को उपहार देने हेतु उसके पास कोई व्यवस्था नहीं है। इसी प्रकार मदद की गुहार लेकर लखनवाड़ा निवासी सर्किला पति स्व श्री केशरी यादव एवं बारहहीरा निवासी जानकी पति स्व श्री शिवराम यादव भी समिति अध्यक्ष अरूण बूटी नेमा के पास पहुंची।तब समिति ने एक आवश्यक बैठक का आयोजन कर निर्णय लिया कि बेटियों की शादी 5 व 12 मई को तय है तो शादी के पहले बेटियों को ससम्मान आसन में बैठाकर पैर पूजन कार्यक्रम आयोजित किया जायें फलस्वरूप रविवार दिन तीनों बेटियों का पैर पूजन कर दहेज सामग्री में बड़ी गोदरेज अलमारी, पंखा ट्रॉली बैग स्टील बर्तन स्टैंड स्टील टंकी स्टील गुंडी 5 लीटर प्रेशर कुकर जर्मन डिब्बा थाली लोटा गिलास,2 साड़ी बिस्तर और 2100-2100 रूपए नगद भेंट किए गए।  इस पुनीत अवसर पर समिति अध्यक्ष अरूण बूटी नेमा समिति संस्थापक राधेश्याम सोनी समिति कोषाध्यक्ष गणेश साहू समिति सह संरक्षक सुमेर चंद साहू, धनराज सिंह चंदेल,सुदामा सिंगारे शिक्षक, गोबिंद सराठे पार्षद वार्ड नं 12,प्रचारक नीलेश साहू बारहहीरा, अनिता चंदेल,आशा मर्सकोले,सुमन नेमा, मंजूलता सोनी आदि की उपस्थिति रहीं।

*समिति की सहयोगात्मक अपील का हुआ असर छिन्दवाड़ा निवासी राजेन्द्र भल्ला जी ने  दीन-हीन बेसहारा पितृहीन जरूरतमंद बेटियों की शिक्षा व विवाह में मदद किये जाने हेतु 55000 पचपन हजार रुपए की राशि समिति फण्ड में दान दी।*

✨ निष्कर्ष: उम्मीद की किरण ✨

आज जब कई बेटियां मजबूरी में सपने छोड़ देती हैं,वहीं नटनी माई समिति उन्हें नई उड़ान देने का काम कर रही है।

👉 यह सिर्फ सेवा नहीं…

👉 यह एक मानवता का आंदोलन है…

👉 जो हर दिल को यह सोचने पर मजबूर करता है—

“अगर हम भी थोड़ा करें, तो किसी की जिंदगी बदल सकती है।”

✍️ उग्र प्रभा समाचार

“सच की आवाज, राष्ट्र की बढ़ती आभा”

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