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जीवन अकेले में नहीं, सदसंगति में खिलता है": प्रो. अमर सिंह

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       मोहिता जगदेव

 उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा

चांद कालेज में मानसिक स्वास्थ्य, मनोवैज्ञानिक समाधान पर कार्यशाला 

मनुष्य का स्वभाव सहचरत्व पर आधारित है": प्रो.अमर सिंह 

सकारात्मक संवाद मानसिक स्वास्थ्य का आधार है:प्रो जी एल विश्वकर्मा 

उग्र प्रभा समाचार,चांद छिंदवाड़ा: शासकीय महाविद्यालय चांद में मानसिक स्वास्थ्य और मनोवैज्ञानिक समाधान विषय पर आयोजित कार्यशाला में प्राचार्य प्रो. अमर सिंह ने कहा कि मनुष्य का जीवन अकेले में नहीं, साहचर्य  और संगति में खिलता है। सामाजिक दूरी और रिश्तों में कमजोरी इसके बड़े कारण हैं। अपनेपन से कटना मन को असुरक्षित व तनावग्रस्त महसूस कराता है। मनुष्य का स्वभाव सहचरत्व पर आधारित है। हमारी प्रवृत्तियां, इच्छाएं और भावनाएं जिस संगति में हम रहते हैं, उसी से निर्मित होती हैं। प्रो. रजनी कवरेती ने कहा कि अच्छी संगति मानसिक शांति, आत्मबल और खुशी का आधार है। मजबूत सामाजिक नेटवर्क व सहयोगी मित्र मंडली अवसाद व चिंता को कम करती है।


प्रो. जी. एल. विश्वकर्मा ने कहा कि सकारात्मक संवाद मानसिक स्वास्थ्य का आधार है। ध्यान, योग, सेवा व सांस्कृतिक आयोजन में सक्रियता खुशी बढ़ाती है। प्रो.  लक्ष्मण उइके ने कहा कि हॉबी को बरतने की नियमित आदत खुशी के लिए बहुत फायदेमंद होती है। प्रो. सकर लाल बट्टी ने कहा कि खेल, संगीत व चित्रकारी मानसिक स्वास्थ्य को सुधारते हैं, आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और रचनात्मकता को बरकरार रखते हैं। प्रो . रक्षा उपश्याम ने कहा कि सकारात्मक संवाद, योग, खेल, संगीत एवं अभिरुचि को आत्मबल, आत्मज्ञान आत्म संतुष्टि का आधार हैं । संतोष अमोडिया ने कहा कि भावनाओं में बह जाने पर नियंत्रण, आंतरिक मजबूती और असीम धैर्य तनाव प्रबंधन के औजार हैं। हम अपने विचारों पर शासन करें न कि विचार हमारे ऊपर शासन करें।

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