शासकीय स्नातक महाविद्यालय अमरवाड़ा में एनएसएस विशेष शिविर का चतुर्थ दिवस उत्साहपूर्वक संपन्न
अमरवाड़ा//उग्र प्रभा
शासकीय स्नातक महाविद्यालय अमरवाड़ा द्वारा संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर के चतुर्थ दिवस की शुरुआत प्रातः प्रभात फेरी से हुई। इसके पश्चात स्वयंसेवकों द्वारा योगाभ्यास एवं स्वल्पाहार किया गया।
इसके उपरांत ग्राम में जागरूकता रैली एवं सर्वेक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके माध्यम से ग्रामवासियों को जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, सिकल सेल एनीमिया एवं मतदाता जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया। स्वयंसेवकों ने घर-घर संपर्क कर ग्रामीणों को जल स्तर में हो रही गिरावट, पर्यावरण संतुलन और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी प्रदान की।
मध्यान्ह भोजन के पश्चात बौद्धिक सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पी एम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस से पधारे डॉ. वी. के. डेहरिया एवं डॉ. जितेंद्र झरबड़े विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। महाविद्यालय परिवार से डॉ. राहुल यादव, डॉ. विजय गुर्वे, डॉ. पिंकी सूर्यवंशी, डॉ. सुमा थंकाचन, डॉ. शिवांशी मालवीय, डॉ. एकता रावत, प्रो. नीतिका सोनपुरे एवं एनसीसी अधिकारी डॉ. कैप्टन अरविंद धुर्वे उपस्थित रहे।
डॉ. जितेंद्र झरबड़े ने स्वयंसेवकों को जल संरक्षण एवं घटते जल स्तर की गंभीरता से अवगत कराया। डॉ. वी. के. डेहरिया ने पर्यावरण संरक्षण एवं जल प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. शिवांशी मालवीय ने राष्ट्रीय सेवा योजना के ध्येय वाक्य “Not Me But You (मैं नहीं, आप)” की विशेषता बताते हुए सेवा भाव की प्रेरणा दी। डॉ. पिंकी सूर्यवंशी ने सिकल सेल एनीमिया विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। डॉ. एकता रावत ने स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया, जबकि डॉ. विजय गुर्वे ने एनएसएस गीत के माध्यम से कार्यक्रम में ऊर्जा का संचार किया।कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रामनाथ झारिया के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में एनएसएस इकाई के दलनायक सौरभ सोनी सहित स्वयंसेवक अभिषेक, संत कुमार, धर्मेंद्र, अंकित, कुपेंद्र, बृजेश, प्रदीप, सत्यम, अंशुल, करण, दीपक, सूरज, सावित्री, आकांक्षा, सरस्वती, बृजकुमारी, दीपिका, अदीबा, आरजू, तमन्ना सहित समस्त स्वयंसेवकों की सक्रिय सहभागिता रही। दिवस के अंत में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर शिविर को यादगार बनाया। कार्यक्रम ने सेवा, जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सशक्त रूप से अभिव्यक्त किया।

