मोहिता जगदेव
उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा
" विद्यार्थी अपने शिक्षकों की छवि के वाहक होते हैं": प्रो लक्ष्मीचंद
" सहिष्णुता प्रो. शर्मा के व्यक्तित्व की सर्वोत्कृष्ट ताकत है": प्रो. अमर सिंह
" प्रो. शर्मा का स्वयंसेवक से प्राचार्य बनने का सफर मिसाल है": प्रो. सनेसर
" प्रो. शर्मा अकार्बनिक रसायन के तत्वों के शोध विशेषज्ञ हैं": प्रो. साधना जैन
" प्रो. शर्मा मुश्किल घड़ी में अधीनस्थों के साथ खड़े होने वाले यशस्वी शख्स हैं": प्रो. सी. डी.राव
" प्रो. शर्मा सांस्थानिक ढांचागत विकास के पर्याय के प्राचार्य हैं": प्रो. सुशील पटवा
उग्र प्रभा समाचार, छिंदवाड़ा: प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस छिंदवाड़ा के प्राचार्य प्रो. वाय. के. शर्मा की उच्च शिक्षा विभाग के विभिन्न कॉलेजों में यशपूर्ण सेवाओं के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए प्रो लक्ष्मीचंद ने कहा कि छात्र प्राध्यापकीय छवि के वाहक होते हैं, इस मामले में प्रो. वाय. के. शर्मा को उनके उच्च शिक्षा विभाग में उल्लेखनीय योगदानों के कारण कोई अफसोस नहीं है। प्रो. अमर सिंह ने प्रो. शर्मा के व्यक्तित्व को सहिष्णुता, अहमशून्यता और शिष्टता भरे आचरण सज्जन प्राध्यापक की मिसाल का एक ऐसा आइकॉन बताया, जिसने रा.से.यो. व एनसीसी के स्वयंसेवक से जीवन सफर की शुरूआत करके जिला संगठक, सेकंड लेफ्टिनेंट बनने के पथ को प्रशस्त करते हुए प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस छिंदवाड़ा के पूरे मध्य प्रदेश में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर प्राचार्य बनने का गौरव प्राप्त किया है। प्रो. साधना जैन ने प्रो. शर्मा को अकार्बनिक रसायन के दुर्लभ रसायन तत्वों की खोज करने वाले शोध विशेषज्ञ प्राध्यापक कहा। प्रो. सी. डी. राव ने कहा कि प्रो. शर्मा मुश्किल घड़ी में अपने अधीनस्थ स्टाफ के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने वाले प्राचार्य हैं।
क्रीड़ाधिकारी प्रो. सुशील पटवा ने कहा कि प्रो. शर्मा सांस्थानिक ढांचागत विकास के लिए किसी भी हद तक मदद करने में सकुचाते नहीं हैं। प्रो. आर. पी. यादव ने प्रो. शर्मा जैसी शख्सियत को बहुआयामी प्रतिभा का खिलाड़ी बताया जो किसी भी संस्थान के लिए एक परिसंपत्ति होते हैं। प्रो. पी. एन. सनेसर ने प्रो. शर्मा के राष्ट्रीय सेवा योजना की श्रम सेवा और त्याग की पताका को अनंत ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला बहुपुरस्कृत प्राध्यापक कहा। प्रो. शालिनी पाटिल ने प्रो. शर्मा को छात्रहित में रचनात्मक सामर्थ्य का, प्रो. कविता शर्मा ने संघर्षों के मोड़ पर शांतिपूर्ण कुशल नेतृत्व के धनी, देवेंद्र पवार ने निष्कलंक निर्विवाद कर्तव्यपरायणता का और जितेंद्र झरबड़े ने क्षमाशीलता का पर्याय बताया। गौतम पाटिल ने प्रो. शर्मा को जीवन प्रबंधन का गुरू, एवं प्राचार्य शशिकांत यादव ने प्रो. शर्मा को प्रशासनिक प्रबंध का एक बेहतरीन अंदाज वाला प्राध्यापक कहा। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के सभी विभागों, जिले के प्राचार्यों और क्रीड़ा विभाग की ओर से 50 किलो फूलों से बने हार से प्रो. शर्मा की चार दशक से अधिक वर्षों की सेवाओं को याद करते हुए अभिनंदन किया। सम्मान समारोह में प्रो. डी. डी. विश्वकर्मा, प्रो. जी. वी. ब्रह्मे, प्रो. निखिल कानूनगो, प्रो. अनिल जैन, प्रो. शैलेश बागड़े, प्रो. जे के डोंगरे, प्रो. अरुणा परतेती, प्रो. सुनीता दयाल, प्रो. मनोज माहोरे, प्रो. अर्चना चतुर्वेदी, प्रो. प्रीति देशमुख, प्रो. सुसन्ना लाल, लक्ष्मण ठाकरे एवं समस्त स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।

