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अप्प दीपो भव के जाग्रत भाव से दीपित नववर्ष की शुभकामनाएँ

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       मोहिता जगदेव

 उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा

      लेखक 

डॉ. अमर सिंह, प्राचार्य/

विभागाध्यक्ष अंग्रेजी एवं प्रेरक वक्ता,

शासकीय महाविद्यालय चांद छिंदवाड़ा।


नव वर्ष मंगलमय इन शुभकामनाओं के साथ!

           आप सभी जो नैसर्गिक पुलकित यामिनी आभा के हकदार हैं, जिनकी प्रतिनिधि आवाज़ के जादू के कइयों कायल हैं, जिसका खुद का यशोमय कैरियर बनाके दूसरों पर वैसा करने की कहता है, जिसकी अदा ही संप्रेषण कौशल का प्रशिक्षण है, जिसकी विकासोन्मुख गतिशीलता पर जनसमुदाय फ़िदा है, जिसने खुद सीढियां छत पर नहीं, आसमां पर आरूढ़ होने के लिए बनाई है, दिए गए वक्त को इस शख्स ने ऐसे निचोड़ा कि अल्पायु में ही सैकड़ों वर्षों की परिपक्वता  अवधि के अनुभव से अपना व्यक्तित्व सजोए है,  जिसने हार को अपने गले का कभी हार नहीं बनाया बल्कि जीत के जश्न की रार ठानता रहा है, जिसकी प्रस्तुतिकरण की कला जगजाहिर है और जो आधुनिक युग में वांक्षित समस्त प्रदर्शनकारी योग्यताओं का सशक्त हस्ताक्षर है, वह सब आप ही तो हैं।

जो शख्सियत तमाम मानवीय उदात्त मूल्यों से ओत प्रोत है, जो असीम औदार्य के विपुल वैभव से धनधान्य है, जो अकादमिक उत्कृष्टता से खासी पुरस्कृत है, जो सर्वजन हिताय अनुभवी मार्गदर्शक है, जो संतुलित अनुकरणीय व्यक्तित्व है, जो वाकपटु कौशल में पारंगत है, जो समय प्रबंधन की मिसाल है, जो पारदर्शी नज़रिया निर्माण की पूंजी है, जो वैचारिक निवेश की करिश्माई उदाहरण है, जो अध्यव्यवसाय की निधि है, जो हितोपदेश में  जगजाहिर है, जो समावेशी है पर आवेशी नहीं, जो अपार कृतार्थ से समृद्ध है, जो अवलोकन में मशहूर अवलोकित है, जो अप्प दीपो भव के जाग्रत भाव से दीप्त है, जो अति साधारण में असाधारण है, जो संपन्नता के सम्मोहन की मोहताज नहीं है, जो उपकृत दुआओं से सराबोर है एवं सर्वोपरि, जो पुरातन व नवीन का अद्भुत सम्मिश्रण होने से मिश्र है, जितेंद्रिय होने से राजेन्द्र है और संस्कारित चित्त में सुकुमारता का कुमार हैं।

आप स्वयं में हम सब के लिए सीखने के लिए सिर्फ हमारे कुलसचिव नहीं हैं, अपितु एक समूचा विश्वविद्यालय हैं। आपकी खामोशी बखूबी वचनीय है, मुखरता संवाद सम्प्रेषण की सामर्थ्य है और व्यवहार विपत्ति विनाशक संजीवनी है। वह सब आप ही तो हैं। आपका कीर्तिपथ पर जीवनरथ दिव्य शक्तियों से सदैव संचालित रहे, ईश्वर से कामना है। शुभदा संघर्ष के अमिय फल, कर्ता गौण होकर नैमित्य भाव, वाच्य शब्द भाषिक रीति रिवाज के मुताबिक, संक्षेपिका के शब्दकोश, अनावेश आख्यान की प्रबल मृदुभाषी, सहज सहृदयता की सघन प्रतिमान, सूक्ष्म अर्थ की गहन समझ, नानुकुर नजरिया से अछूती, संप्रेषण वांग्मय कौशल अधिष्ठात्री, दुर्लभ स्वर अभिभाषण, मार्मिक, ललित, सामासिक इत्यादि इत्यादि विशेषताओं से विभूषित और आधुनिक प्रावीण्य कौशल से अभिसिंचित है। वह सब आप ही तो हैं।

सुघड़ जीवन जीने के जितने भी दिव्य आयाम होते हैं, वे सब आपके नैसर्गिक सौंदर्य के विरले आभूषण हैं। ईश्वर की तमाम नियामतों से समृद्ध आपके विराट व्यक्तित्व से मानवीयता का बड़ा हिस्सा पुष्पित पल्लवित और गौरवान्वित होता है।  हमारा परिवार आपसे जुड़कर आपके व्यवहार से स्वयं स्फूर्त, सम्मानित और उत्साहित रहता है। आपकी अनगिनत अच्छाइयों का फायदा जन जन के कल्याण हेतु ही है, सिर्फ़ निजी आकांक्षाओं के अधीन नहीं। भावना एस्टेट, होटल क्लार्क्स, जयपुरिया स्कूल और ऐसे अनगिनत प्रतिष्ठान आज जिस ऊंचाई पर स्थित हैं, उनके पीछे आपके त्याग, तपस्या और समुद्रभर पसीने के किस्से हैं। वह सब आप ही तो हैं। आपकी हर नीति, नियति और मंशा पुनीत है। ईश्वर भी आपकी हर कामना पूरी करने में फक्र महसूस करता है। आप अपनी हर संभावना के उत्कृष्ट रूप को प्राप्त करें।

सृष्टि में कुछ भी अचानक नहीं होता है, सब कुछ पूर्व नियोजित है। किसी का भी किसी के जीवन में आना किसी महान लक्ष्य के लिए होता है। प्राची का हमारे परिवार में आना हमारे पूर्व पुण्यों के महासागर के बदले हुआ है। कभी मुझे ये भी लगता है कि ईश्वर ने यह एक बहुत बड़ी चुनौती हमारे सामने फेंकी है, जिससे जूझने के लिए हमें असाधारण शक्तियों की जरूरत पड़ेगी। मैंने भी जीवन में बड़ी बड़ी चुनौतियां का सामना किया है, एक चुनौती और सही। जीवन एक प्रयोगशाला है, जिसमें हर रोज नए नए प्रयोग करने पड़ते हैं। आपकी शिक्षा का स्तर किसी भी सामान्य को सुलभ नहीं होता है, फिर इससे बड़े सबक भी तो निकलने चाहिए। उसी व्यक्ति का जीवन सार्थक होता है जो खुद भी तबियत से जिए और दूसरों के लिए भी जीने की वजह बने। व्यक्ति को अपने सीमित दायरों से बाहर निकलकर अपने कद का परीक्षण चुनौतियों से जूझने में है, अपने लिए तो सब जीते हैं। 

अगर कोई भी व्यक्ति जीवन की गंभीर बातों को ध्यान में रखे तो वह जीवन में  कभी भी लक्ष्यविहीन नहीं हो सकता है। वक्त किसी को बख्सता नहीं है, हमारे कर कर्म की सजा/पुरुस्कार अवश्य देता है। अतः हमारे कर्म वक्त की बर्बादी को रोकने वाले कर्म होने चाहिए। जिनके लक्ष्य पारदर्शी होते हैं, वे भटकाव की जिंदगी से बच जाते हैं। अर्जुन को द्रोपदी स्वयंवर में  मछली की सिर्फ आंख दिख रही थी, इसलिए खौलते तेल की कढ़ाई में परछाई देखकर निशाना साधने में सफल हुए। औरों को मछली दिख रही थी, उसकी आंख नहीं। 99 प्रतिशत लोगों को सब कुछ दिखता है, अपने लक्ष्य नहीं दिखता है।

आदमी का जन्म 84 लाख योनियों में जन्म लेने के बाद मिलता है, और ये जन्म बिना मकसद के बीता तो फिर कीड़े मकोड़े का जन्म लेने के लिए तैयार रहें। ये मायने नहीं रखता कि कोई भी व्यक्ति कहां पैदा हुआ है। मायने यह रखता है कि उसके कर्मों की ऊंचाई जब हिमालय से भी ज्यादा ऊंची होती है तो खुदा उससे पूछकर उसका नसीब लिखता है। जीवन सरल नहीं होता है, इसे महान प्रयासों से बुलंदियों पर ले जाना पड़ता है। सतत लगन, दृढ़ संकल्प और ज्वलंत इरादे व्यक्ति को सर्वत्र सम्मान दिलाते हैं।

आपकी रचनात्मक ऊर्जा के अप्रत्याशित स्तर,  अवधारणात्मक तथ्यपरक ज्ञान और समावेशी व्यक्तित्व की अद्भुत उदारता आश्चर्य का विषय है। जहां एक तरफ आपके समृद्ध शैक्षिक अवदान, अतुलनीय आधिकारिक सहजता व उत्कृष्ट अकादमिक चिंतन जैसे दुर्लभ चारित्रिक गुण जनमानस को अभिप्रेरित करते हैं तो दूसरी ओर आपकी वैचारिक विदग्धता, बौद्धिक कुशलता व सबके साथ असाधारण सामंजस्य की खूबी सार्वजनिक हिताय होकर सभी को आनंदित, आल्हादित, उमंगित व तरंगित करती है। वंचितों के जीवन को परिवर्तित करने के आपके अथक  निश्वार्थ समर्पित प्रयास सभी के लिए कौतूहल, अनुकरण व शोध का विषय है जिनकी नकल हो सकती है पर बराबरी कभी नहीं। अगर शुभेच्छा पुष्प होती तो आपके लिए हम सबने हजारों चुन लिए होते। अगर आप जैसे लोग नहीं होते तो समस्त नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले संस्थान खंडहर हो गए होते।

आज का दिन तो आपके जीवन की मंज़िल का एक सामयिक पड़ाव भर है, जहां खड़े होकर हम सब आपके भविष्य के सपनों के लिए आपको और अधिक प्रभावी, विवेकशील व  नैसर्गिक सौंदर्य से प्रेरक बने रहने की दुआ करते हैं। आपकी विषम परिस्थितियों में उत्साहपूर्ण भविष्यदृष्टा विरले नेतृत्व, मिशनरीवत कार्यसिद्धि हेतु लगन और समर्थन के विशेषाधिकार प्राप्त संरक्षण से बहुतेरे लाभान्वित हुए हैं जिनकी एक लंबी फेहरिस्त है। आपके पवित्र कार्यों, बहुआयामी आकर्षक व्यक्तित्व की आभा व पर सतत सक्रियता के केंद्र में हमेशा मानवीय संवेदनाएं रही हैं। स्वयं हमने आपसे अपने जीवन को वस्तुपरक, लक्ष्य केंद्रित व स्वाभाविक रूप से सरल बनाने में आपसे बहुत कुछ सीखा है। आपके व्यक्तित्व की समग्रता सभी के लिए प्रेरणा का सदैव स्त्रोत बनी रहे।

बौद्धिक औदार्य में मणिकांचन सदृश शालीनता का योग व्यक्ति के आभामंडल को दिव्य सौंदर्य का भागीदार बनाता है। ऐसी शख्सियत जिसके पास खड़ी हो जाए, उसका कद बढ़ जाता है। विपरीत परिस्थितियों में शालीनता के संतुलन को बनाए रखना उतना सरल नहीं होता है। ईश्वरीय कृपाओं से विभूषित पद, प्रतिष्ठा, हौदा और हैसियत की उत्कृष्ट ऊंचाई पर स्थापित श्रीमान जी आप स्वयं में अलंकरण हैं। तमाम वैभव आपके इर्द गिर्द मडराने में गौरव महसूस करते हैं। निर्मल छवि,सौम्य स्वभाव और मृदुल कीर्ति से सौभाग्यवान विजय सर आपको बढ़ती उम्र के साथ बढ़ती सुकुमारता मुबारक हो। जीवन के झंझावातों में मुस्कराते रहना कोई आपसे सीखे। आप अंदाजों में अनूठे,अनोखे व अद्भुत हैं, अनुकरणीय हैं, अभूतपूर्व भी ।

किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके ओहदे से संतुष्टि पूर्ण समाधान लेकर लौटने की गुणवत्ता पर निर्भर होती है। जो अपने कर्तव्य की बारीकियों से फबता है; जिसकी लेखा शीट से अनेकों के हित सधते हों; जिसकी निष्ठा निष्पादन क्षमताएं अथक हों; जिसकी विस्मित मुस्कराहट ध्यान एकाग्रता की साधना हो; जो अपने कार्यस्थल के साथ घर परिवार में बेजोड़ संतुलन स्थापित किए हो; लगन, समर्पण और सखा भाव से ओतप्रोत; बेहतरीन सलाहकार; जिनका क्रिया भाव ही भक्ति भाव है; जिनके कर्मठता के दूर तक चर्चे हैं; जिनकी ऊर्जा का अजस्र स्रोत कभी घटता नहीं है; अपने कार्यप्रणाली पर जनमानस को सम्मोहित करने वाले; और न जाने कितने दिव्य मानव सुलभ  गुणों से विभूषित; लेखा जोखा के ज्ञान में बादशाहत कायम रखने वाले; ऐसे विरले आपकी कार्य निष्पादन क्षमताएं बहुतेरों के लिए प्रेरणादायक बनें। आपने हमें सिखाया है कि पहाड़ जैसे काम को अपनी धुनि धूनी में सतत रमे रहने से एक दिन अंजाम तक पहुंचाया जा सकता है।

विद्या चक्षु के सामर्थ्यवान, प्रस्तुतिकरण पुरुषार्थ के सक्षम अदाकार, सूचनाओं को ज्ञान, बुद्धि, विवेक और मेधा की प्रयोगधर्मिता की सीमाओं पार कराने वाले, जटिल सिद्धांतों को जमीन पर उतार जनमानस की सहज पहुंच संभव कर देने वाले, कवित्व कौशल से सभी को रोमांचित कर देने वाले, प्रस्फुटित  स्मित अंकुर जिनकी मैत्री भाव का रहस्य है, जिनका किरदार सदैव जीवंत भूमिका निभाता है, अपनी सृजनात्मक ऊर्जा से नित नवीन प्रयोग करने वाले, लगन, अन्वेषण और भाषाई अदब के  अद्भुत, उत्साही, अथक क्षमतावान, अविलंब निपटान के पक्षधर, अकूत आत्मविश्वासी, निर्विकार, प्रतिनिधि प्रेरक प्राध्यापक एवं असीम स्नेहिल युवा बने रहो।

जिन्होंने अपनी स्वाभाविक आभा को कभी भी कृत्रिमता का आवरण नहीं पहनाया, जिनकी सादगी सबसे बड़ी ताकत है, निर्लिप्त कर्म भाव जिनका जीवन दर्शन है,भारतीय संस्कृति का चरैवेति सिद्धांत जिनका व्यवहार कौशल है, जो किसी की नकारात्मकता से दुष्प्रभावित नहीं होती हैं, ऐसी सबकी आदरणीय प्रतिभा मैडम से जीवन के कई पाठ मैंने सीखे हैं। आपके जीवन की फुलवारी सदैव आपके गुणों पुष्पित, पल्लवित एवं सुगंधित बनी रहे। निर्मल अभिप्रेरणा जिनके व्यक्तित्व का अभिन्न अंग है, मृदुल मुस्कान जिनकी विशिष्टता है, जीवन को बिना भार समझे अथाह आत्मविश्वास को अपने आगोश में सजोए, हम सब के अग्रज किंतु अत्याधुनिक सोच से लबालब, जिंदगी को किसी वजह से जीने के अद्भुत उत्साह वाले निष्काम भाव से सभी को ताकत देने वाले, परशुभचिंता का औदार्य जिनकी ख़ुद की ऊर्जा की सततवाही मंदाकिनी है, निर्बलों के बल से जो स्वयं बलशाली हैं,जीवन मार्गदर्शन के उत्कृष्ट विभूषित अलंकरण, शीर्ष पद पर बैठकर भी जो शालीनता, विनम्रता और सरलता के आभूषणों का त्याग नहीं करते हैं, अपनी जमीनी सोच, ईमानदारी और संस्थानिक निष्ठा जिनकी कार्यसिद्धि के अनूठे उदाहरण हैं, विरलों में से विरले, मानवीय संवेदनाओं से ओतप्रोत, अटल संकल्प के प्रतिबिंब,अनुशासन के अप्रतिम गौरव, दूरदर्शी दृष्टि से समूची सृष्टि में आधुनिक वैज्ञानिक मंथन का आधार देने वाले अजातशत्रु बनें।

जो शख्सियत अपनी ऊर्जा को जनहित में खपाए,  जो औरों की खातिर अपना घर फूंक तमाशा देखने की कुव्वत रखता हो,  बेइंतहां समर्पण की मिसाल, सर्वजन हिताय, बहुजन सुखाय काम करने वाले, हमारे वरिष्ठतम मार्गदर्शक, अपनी रचनात्मक धुनि के बेताज बादशाह, जिनसे मैंने परसेवा में समर्पण की ताकत के गुर सीखे, ऐसी खूबियों से विभूषित जमीन पर इंसान के भेष में देवता, भटकती युवा पीढ़ी के प्रबल वैचारिक समर्थक, हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू को कार्यकारी अभिव्यक्ति की भाषा बना देने वाले, विभिन्न सांस्थानिक आयोजनों से छात्रों की दबी जुबानों को आवाज देने का मार्ग प्रशस्त करने वाले साधारण व्यक्ति में असाधारण गुणों से विभूषित हैं।आपके व्यक्तित्व की समग्रता सभी के लिए प्रेरणा का सदैव स्त्रोत बनी रहेगी। आप ईश्वर के अनंत आशीर्वादों का भाजन बनी रहें, ऐसी हमारी उत्कंठा है, आकांक्षा है और कामना है। आपको सामाजिक व शैक्षिक जिम्मेदारी उठाने की सभी सिद्धियां ईश्वर प्रदान करे।

मेधा मेहनत की मोहताज होती है,परिस्थिति व भाग्य की नहीं। वीरवान विकट परिस्थिति में अपनी स्थिति को मजबूत करने का माद्दा रखते हैं। जिसने अपने आज को उत्कृष्टता में जी लिया वह अजातशत्रु बन जाता है। मानवता बाज के उन बच्चों पर नाज़ करती है जो मुंडेर पर बैठने के आदी नहीं होते, खुले आसमां में कुलांचे भरते हैं। सफलता एक आदत है, उत्कृष्टता अच्छी आदतों की पुनरावृत्ति होती है और सफलता का इच्छुक असफलता की सारी आशंकाओं को परे धकेल देता है। सफलता बेचारगी, बहानेबाजी व उद्दंड अड़ियलपन की कभी मित्र नहीं बन सकती है। सफल होने वाले लोग नेक शुभेच्छा ,फौलादी इरादे, विशुद्ध अरमान,  लक्ष्यकेंद्रित अतृप्त आग, सतत कर्म, मीरा जैसी लगन, काक चेष्ठा, बको ध्यान, श्वान निद्रा,अल्पाहारी व गृहत्यागी जैसे मानव दुर्लभ गुणों से स्वयं को विभूषित करते हैं। आपके सौभाग्य के भास्कर को अपनी इन्हीं सुशीलताओं के कारण कभी सूर्यास्त नहीं होने देगी, और आपकी सफलताओंं की गाथा जनमानस के द्वारा भविष्य में मानवताके प्रेरणा हेतु कविताओं के माध्यम के गाई जाती रहेगी। ऐसा हमारा अटल विश्वास है।

ईश्वर आपकी हर चुनौती में आपके साथ खड़ा रहे। उन मां बाप को भी नमन जिनका पसीना भी आपकी सफलता व परवाह के लिए सदैव मंदाकिनी की उज्जवल धारा की तरह अनवरत बहता रहा है। इन्हीं कामनाओं, भावनाओं और शुभेच्छाओं के साथ आप सभी का नव वर्ष मंगलमय हो।

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