मोहिता जगदेव
उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा
स्व. केशरी चंदेल "अक्षत" स्मृति में सम्मान समारोह आयोजित
"अक्षत जी के नाम से होगा शहर में पार्क का नामकरण" महापौर विक्रम आहके
" अक्षत जी की ग़ज़लें शाश्वत मूल्यों की अभिव्यक्ति हैं": सांसद विवेक बंटी साहू
"अक्षत जी का काव्य मानवीय मूल्यों के पोषण का दर्शन है": प्रो. अमर सिंह
उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा: छिंदवाड़ा के काव्य संवेदना से प्रज्ज्वलित कवि स्व. केशरी चंद चंदेल "अक्षत" की "उजालों के कारवां" व "जिंदगी के अंतराल" गजल, गीत व व्यंग्य केंद्रित कृतियों को लेकर देव इंटरनेशनल के सभागार में आयोजित 17वें सम्मान एवं स्मृति समारोह में व्याख्यान में मुख्य अतिथि छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू ने कहा कि अक्षतजी का काव्य शब्दों का शाश्वत परिधान पहने भावों की विनम्र धरोहर है। विशिष्ट अतिथि छिंदवाड़ा महापौर विक्रम आहके ने कहा कि अक्षत जी के काव्य को किसी भी सिद्धांत या विचारधारा की सीमा में नहीं बांधा जा सकता है। उन्होंने इस अवसर स्व. केशरी चंद चंदेल अक्षत जी के नाम से छिंदवाड़ा शहर में एक पार्क के नामकरण की भी घोषणा की। जिला भाजपा मंत्री विजय पांडे ने कहा है कि उदार हृदय अक्षतजी का दर्शन मनुष्य की अनंत संभावनाओं के विस्तार का दर्शन है। पूर्व आकाशवाणी उद्घोषक अवधेश तिवारी ने अक्षत जी काव्य को शाश्वत मूल्यों की विरासत, जीवन के प्रति उत्कट आस्था एवं कर्म की निरंतरता आंदोलन बताया। प्रो. अमर सिंह ने अक्षत जी के काव्य को अव्यवस्था पर प्रहार, सुरम्य ग्राम्य जीवन के सौंदर्य का चित्रण व पीड़ित की व्यथा का दर्शन कहा जिसमें हर हाल में यथार्थ के धरातल पर खड़े होकर मनुष्यता निर्माण का बिगुल फूंकने की आगाज़ करार दिया। साहित्य के सेतु बंध में नन्हीं गिलहरी सा तुच्छ प्रयास है।

