15 साल बाद टूटा हर्रई बीईओ का किला, शिक्षकों के आंदोलन के आगे झुका प्रशासन!
शिक्षकों में खुशी का महौल, निष्पक्ष कार्यवाही सें कलेक्टर के प्रति कृतज्ञता।
हर्रई // उग्र प्रभा
हर्रई विकासखंड में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। करीब 15 वर्षों से प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के पद पर पदस्थ व्याख्याता श्री प्रकाश कालंबे को कलेक्टर छिंदवाड़ा द्वारा तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है।यह कार्रवाई लंबे समय से चले आ रहे शिक्षक असंतोष, आंदोलन और लगातार शिकायतों के बाद की गई है।उल्लेखनीय है कि इस पूरे मामले को लेकर “उग्र प्रभा समाचार” ने पूर्व में भी प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी, जिसमें शिक्षकों द्वारा लगाए गए आरोपों, असंतोष और प्रशासन से की जा रही मांगों को उजागर किया गया था।
लंबे समय से चला आ रहा था असंतोष
हर्रई विकासखंड में लंबे समय तक एक ही अधिकारी के प्रभारी पद पर बने रहने से शिक्षा विभाग में असंतुलन की स्थिति बन गई थी। शिक्षकों का आरोप था कि मनमाने आदेश, चयनित लोगों को संरक्षण, संकुल केन्द्रो सें अवैध वसूली, कार्यशैली में पारदर्शिता का अभाव और शिकायतों की अनदेखी के कारण विभागीय कार्य प्रभावित हो रहा था।इन मुद्दों को लेकर शिक्षक वर्ग कई बार मौखिक और लिखित रूप से शिकायत करता रहा, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से असंतोष लगातार बढ़ता गया।
रैली, ज्ञापन और जनसुनवाई तक पहुंचा मामला
बीते दिनों हर्रई विकासखंड के शिक्षकों ने एकजुट होकर नगर में रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया और कलेक्टर जनसुनवाई में भी लिखित शिकायतें प्रस्तुत की गईं।शिक्षकों का कहना था कि जब तक निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
कलेक्टर की तत्परता से हुआ निर्णय
छिंदवाड़ा कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायण ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पक्षों पर विचार किया और मंगलवार को प्रभारी बीईओ को पद से हटाने का आदेश जारी किया। आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
नए बीईओ की अस्थायी नियुक्ति
प्रशासनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए श्री किशोर पांडे,उच्च माध्यमिक शिक्षक, शासकीय संदीपनी विद्यालय हर्रई(वर्तमान में प्रभारी विकासखंड स्रोत समन्वयक, तामिया)को आगामी आदेश तक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, हर्रई का प्रभार सौंपा गया है।चूंकि बीईओ कार्यालय डीडीओ कार्यालय है, इसलिए उन्हें मध्यप्रदेश कोष संहिता भाग-1 के नियम 125 के अंतर्गत आहरण एवं संवितरण के समस्त वित्तीय अधिकार भी प्रदान किए गए हैं।
शिक्षकों में संतोष, सुधार की उम्मीद
इस निर्णय के बाद हर्रई विकासखंड के शिक्षकों में संतोष का माहौल है। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से लंबित वेतन, एरियर, क्रमोन्नति एवं अन्य प्रशासनिक प्रकरणों के शीघ्र और पारदर्शी निराकरण की अब उम्मीद जगी है।शिक्षा विभाग में की गई इस कार्रवाई को प्रशासन द्वारा अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

