मोहिता जगदेव
उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा
"एड्स की भयावहता में यौन संबंधों में सावधानी ही बचाव है": प्रो. रजनी कवरेती
"स्वस्थ मानसिकता सोच एड्स के बचाव में रामबाण औषधि है": प्रो. अमर सिंह
उग्र प्रभा समाचार,चांद छिंदवाड़ा: शासकीय महाविद्यालय चांद में रेड रिबन क्लब एवं राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा विश्व एड्स दिवस आयोजित कार्यशाला में मुख्य वक्ता बतौर बोलते हुए प्रो. रजनी कवरेती ने कहा कि एड्स बीमारी की भयावहता को यौन संबंधों में सावधानी ही रोक लगाई जा सकती है। यौन व्यवहार में असावधानी मनुष्य के समूचे अस्तित्व को खतरे में डाल सकती है l रेड रिबन क्लब अधिकारी प्रो. अमर सिंह ने कहा कि मनुष्य अपने संयमित यौन संबंध से एड्स जैसी घातक बीमारी से निजात पा सकते हैं। एड्स कोई ऐसी छुआछूत वाली बीमारी नहीं है, जिसके कारण एड्स के रोगी को घृणा की दृष्टि से नहीं देखा जाए।
प्रो. लक्ष्मण उइके ने कहा कि विश्व एड्स दिवस एड्स की बीमारी में सावधानी ही बचाव है। प्रो. रक्षा उपश्याम ने कहा है एड्स की घातक बीमारी के बारे में जितनी जागरूकता बढ़ेगी, इससे बचने में हम उतने ही कारगर होंगे। प्रो. सकरलाल बट्टी ने कहा कि समाज में एड्स के मरीज के साथ सहानुभूतिपरक व्यवहार ही उसे दूसरे लोगों से अलग करने से बचाया जा सकता है। इस अवसर पर छात्रों के बीच एड्स पर परिचर्चा, स्लोगन, निबंध एवं वक्तव्य का आयोजन किया गया। कार्यशाला में लगभग 80 छात्रों ने सहभागिता की।

