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हर्रई बीईओ के खिलाफ शिक्षक लामबंद। रिश्वतखोर बीईओ चोर की गूंज के साथ, मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
किसकी शरण में आदिवासी विकासखंड का फंडाफोड़?
रिश्वत, चंदा व प्रताड़ना के आरोपों से घिरे हर्रई बीईओ
शिक्षकों का आंदोलन तेज, तहसील–कलेक्ट्रेट–विधायक निवास तक सौंपे ज्ञापन
हर्रई//उग्र प्रभा
छिन्दवाड़ा जिले के आदिवासी बाहुल्य हर्रई विकासखंड में शिक्षा विभाग से जुड़ा मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) प्रकाश कालंबे पर रिश्वतखोरी, हनुमान मंदिर निर्माण व अन्य मदों के नाम पर चंदा वसूली, आदिवासी विकासखंड के शासकीय फंड के दुरुपयोग और शिक्षकों की मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए शिक्षक लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
प्रताड़ित शिक्षकों ने बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार हर्रई को नगर में रैली निकालकर ज्ञापन सौंपा, इसके पहले मंगलवार को कलेक्ट्रेट छिंदवाड़ा पहुंचकर कलेक्टर के समक्ष बीईओ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही शिक्षक यहीं नहीं रुके, बल्कि हर्रई स्थित विधायक निवास पहुंचकर विधायक के निजी सहायक (पीए) को भी ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले से अवगत कराया।
ज्ञापन में शिक्षकों ने सवाल उठाया है कि आखिर किसकी शरण में रहकर बीईओ आदिवासी विकासखंड में खुलेआम फंडाफोड़ कर रहे हैं, जबकि बार-बार शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
हनुमान मंदिर के नाम पर चंदा वसूली का आरोप
शिक्षकों का आरोप है कि बीईओ द्वारा हनुमान मंदिर निर्माण के नाम पर शिक्षकों से जबरन चंदा वसूला गया, वहीं अन्य अवसरों पर भी विभिन्न बहानों से आर्थिक मांग की जाती रही। चंदा न देने वाले शिक्षकों की वेतन, एरियर, क्रमोन्नति, नवीन नियुक्ति वेतन निर्धारण एवं एनपीएस भुगतान से जुड़ी फाइलें जानबूझकर रोकी जाती हैं।
आदिवासी क्षेत्र के शैक्षणिक फंड पर भी सवाल
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि आदिवासी विकासखंड होने के कारण शासन द्वारा शिक्षा के लिए स्वीकृत विशेष योजनाओं और मदों के फंड का दुरुपयोग किया जा रहा है। शिक्षकों ने इस पूरे मामले की विशेष ऑडिट जांच की मांग की है।
*हर्रई नगर में रैली, सड़क पर गूंजे नारे*
बुधवार को शिक्षकों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। हर्रई नगर में 200 से 300 शिक्षकों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान बीच सड़क पर
“रिश्वतखोर हर्रई चोर बीईओ”“तेरी तानाशाही नहीं चलेगी”
जैसे नारों से पूरा नगर गूंज उठा। प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।
एक दशक से जमे बीईओ, बढ़ती नाराजगी
शिक्षकों का कहना है कि बीईओ प्रकाश कालंबे लगभग एक दशक से हर्रई में पदस्थ हैं, जो नियमों के विरुद्ध है। लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे रहने के कारण ही भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि पहले भी कई बार शिकायतें हुईं, लेकिन कुछ राजनीतिक संरक्षण के चलते बीईओ अब तक पद पर बने हुए हैं।
अब कार्रवाई की प्रतीक्षा
शिक्षकों ने कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच, आदिवासी विकासखंड के फंड का विशेष ऑडिट, और बीईओ को तत्काल पद से हटाने की कार्रवाई की जाए।अब देखना यह होगा कि उच्च अधिकारी और राज्य सरकार इस गंभीर प्रकरण में क्या कदम उठाती है।

