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अनाथ हुईं 6 बेटियां, मानवता ने थामा हाथ नटनी माई सेवा समिति ने दिया 15 वर्षों तक संबल
माता-पिता छिन गए, पर समाज साथ खड़ा हुआमासूम 6 बहनों की ज़िंदगी को नटनी माई सेवा समिति ने दिया सहारा
पौनार //अमरवाड़ा //उग्र प्रभा
🖋️रिपोर्ट - नीलेश डेहरिया संपादक उग्र प्रभा समाचार
अमरवाड़ा के समीपस्थ ग्राम पौनार में 11 दिसंबर को घटित एक हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। छह मासूम बेटियों के पिता की हृदयाघात से आकस्मिक मृत्यु हो गई। इससे पहले ही इन बेटियों की मां का देहांत पाँच वर्ष पूर्व हो चुका था। न भाई, न चाचा, न दादा — अब पिता का साया भी सिर से उठ जाने के बाद इन छह बहनों के जीवन पर जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
इस कठिन समय में अमरवाड़ा नगर की सामाजिक संस्था – श्री नटनी माई क्षेत्रीय सेवा समिति, जो विगत 11 वर्षों से अनाथ, बेसहारा एवं दीन-दुखी बेटियों के लिए समर्पित भाव से सेवा कार्य कर रही है, मानवता की मिसाल बनकर सामने आई।ग्राम पौनार के स्थानीय नागरिकों द्वारा जब इस दुखद घटना की जानकारी समिति के वरिष्ठ सदस्यों को दी गई, तो समिति ने तत्काल बैठक कर आपसी सहयोग से सहायता राशि एकत्रित की और पीड़ित परिवार की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया।रविवार को समिति के सदस्य ग्राम पौनार पहुँचे और चार माह का राशन पीड़ित बेटियों को सौंपा, जिसमें लगभग ₹15,000 मूल्य की किराना सामग्री, एक क्विंटल गेहूं, 60 किलो चावल, 10 किलो तुअर दाल, 10 किलो शक्कर, चार कंबल, तेल, नमक, साबुन सहित दैनिक आवश्यकता की समस्त सामग्री शामिल रही।
इतना ही नहीं, समिति ने इन मातृ-पितृ हीन छह बहनों के भरण-पोषण एवं शिक्षा हेतु 15 वर्षों तक प्रति माह ₹2000 की सहायता राशि देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। साथ ही बेटियों की आने वाली बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए ₹6000 की अग्रिम सहायता राशि (तीन माह की) भी मौके पर प्रदान की गई, ताकि वे बिना किसी तनाव के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
समिति के सदस्यों ने बेटियों को ढांढस बंधाते हुए आश्वासन दिया कि हर सुख-दुख में समिति उनके साथ खड़ी रहेगी।
इस अवसर पर ग्राम पौनार के सरपंच देवेंद्र पटेल, समिति सदस्य रमेश साहू, पप्पू साहू, तोमर सिंह पटेल सहित अमरवाड़ा से पहुँचे समिति संयोजक राधेश्याम सोनी, संरक्षक बालकिशन साहू, अध्यक्ष अरुण बूटी नेमा, कोषाध्यक्ष गणेश साहू, सह संरक्षक संध्या राय, विनोद चौरसिया, लक्ष्मी प्रसाद साहू, श्याम चौरसिया, सालक राम यादव, धनराज सिंह चंदेल, देवेंद्र सिंह, संतोष वर्मा (जनपद सदस्य), मुकेश नेमा, (लेखापाल) नीलेश डेहरिया संपादक उग्र प्रभा अरुण वर्मा, हर्षित वर्मा, ओमप्रकाश साहू,राजकुमार डेहरिया द्वारका वर्मा,महेश ठाकुर कमलेश बिल्हायकविता धुर्वे सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
समिति का सिद्धांत
“नर सेवा ही नारायण सेवा”यह पहल केवल सहायता नहीं, बल्कि समाज के लिए यह संदेश है कि जब अपनों का साथ छूट जाता है, तब संवेदनशील समाज ही सबसे बड़ा सहारा बनता है।
आज ही किया गया दूसरा परोपकार (विशेष)
कभी-कभी समाज की सच्ची तस्वीर उन रास्तों पर मिलती है,जहाँ पहुँचना भी आसान नहीं होता…और मदद की ज़रूरत सबसे ज़्यादा वहीं होती है।
छिंदवाड़ा जिले के पिपरिया मानु क्षेत्र से मानवता को झकझोर देने वाली तस्वीरें सामने आईं, जहाँ एक 25 वर्षीय आदिवासी महिला, जो छह वर्ष पूर्व आकाशीय बिजली से अपने पति को खो चुकी है, अपने दो छोटे बच्चों के साथ जंगल से लगे खेत में झोपड़ी बनाकर जीवन यापन कर रही थी।रहने के नाम पर सिर्फ साड़ी से लिपटी झोपड़ी,न पक्का छप्पर, न बिस्तर और न ही जीवन की बुनियादी सुविधाएँ।इस महिला की मजबूरी का वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो नटनी माई सेवा समिति ने इसे केवल देखा ही नहीं, बल्कि दुर्गम रास्तों को पार कर स्वयं मौके पर पहुँचकर मदद की।समिति के सदस्यों ने पीड़ित महिला को खाद्यान्न सामग्री, पलंग, गद्दा एवं त्रिपाल भेंट कर मानवता का परिचय दिया।नटनी माई सेवा समिति वर्षों से अनाथ बच्चों, माता-पिता विहीन परिवारों, शिक्षा, विवाह एवं आर्थिक सहायता के क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से कार्य कर रही है।यह पहल साबित करती है कि जब समाज साथ खड़ा होता है, तो सबसे कठिन जीवन भी आसान हो सकता है।

