मोहिता जगदेव
उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाडा
शतरंज की वाज़ी लिए बैठा है एक शख्स ,उसकी हर एक चाल पर मोहरे हुए हैं लोग : अशोक जैन
याद तुमारी आती हर दम क्या लिख दु, मैं बाबूजी : श्रीमती शरद मिश्रा
उग्र प्रभा समाचार ,छिंदवाड़ा : त्रिशक्ति राष्ट्रीय मंच के तत्वाधान में आंचलिक साहित्यकार परिषद के रचनाकारों ने पितृ पक्ष के उपलक्ष्य वहाँ बुजुर्गों के साथ काव्य पाठ का आयोजन किया गया। संस्थापिका श्रीमती शरद मिश्रा ने बताया बुजुर्गों का आशीर्वाद लेने का उत्तम अवसर मिला, उनके साथ कुछ खुशियों के पल व्यतीत किया,ओर रचनाकारों ने काव्य पाठ किया, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शोभा मोहित्रा जी के मुख्य आतिथ्य में व मंजुषा रमेश भारद्वाज जी ,अशोक जैन ,नंद कुमार दीक्षित, के विशिष्ठ आतिथ्य में एवं संरक्षक नीरजा वाजपयी की अध्यक्षता में,कवियत्री मोहिता मुकेश कमलेन्दु ने संचालन कर कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती वंदना से हुई।
मंजुषा भारद्वाज जी ने अपनी रचना में,अरे आधुनिक संतानों, तुम क्या जानो, संतानों को कैसे पाला जाता है? अपने मुख को बंद करे माँ, तभी निवाला आता है।
शतरंज की वाज़ी लिए बैठा है एक शख्स ,उसकी हर एक चाल पर मोहरे हुए हैं लोग : अशोक जैन
तू धरा है ,गगन है गंभीर मंथन है ,अभिनन्दन है नारी ,तुझे नमन है ,वंदन है : रामलाल सराठे रश्मि
बुजुर्ग अनुभवों का असीमित आसमान होते हैं ,बुजुर्ग ही तो परिवार के संविधान होते हैं : मोहिता मुकेश कमलेंदु
कवि हैदर अली खान ने "ओ मेरी स्वर्ग मां 'रचना पढते हुए बिछड़ी माँ का दर्द कुछ यूँ बयाँ किया कि -ओ मेरी बिछड़ी माॅ ! तुम अपनी अनब्याही ब्याह-योग्य संतानों के घर बसने का सुख न भोग सकीं । परिषद के सचिव रामलाल सराठे रश्मि ने ताली बटोरते हुए नारी की अस्मिता पर यूं बात कही कि नारी पत्नी है ,बेटी है,बहन है ,माँ है ,जिसके चरणों में पला बढ़ा जहाँ है ।तू धरा है ,गगन है गंभीर मंथन है ,अभिनन्दन है नारी ,तुझे नमन है ,वंदन है । वरिष्ठ साहित्यकार अशोक जैन ने अपनी प्रतिनिधि रचना कुछ यूँ पढ़ा कि शतरंज की वाज़ी लिए बैठा है एक शख्स ,उसकी हर एक चाल पर मोहरे हुए हैं लोग । के के मिश्रा कायर ने रिश्तों में आ रही दरारों पर अफसोस जताते हुए अपनी रचना कुछ यूं पढी कि आज रिश्ते ना जाने कहां खो गए है । अधिकार शून्य हो रहे है ।
कवयित्री मोहिता मुकेश कमलेंदु ने परिवार में बुजुर्गों के महत्व को समझाते हुए अपनी कविता यूं सुनाई कि बुजुर्ग अनुभवों का असीमित आसमान होते हैं ,बुजुर्ग ही तो परिवार के संविधान होते हैं, हमारे बुजुर्ग ही हमारी आन बान शान होते हैं ।आज के दौर में बच्चों के संस्कारों पर प्रहार करते हुए युवा कवि शशांक दुबे ने कहा कि सिखाने में जिनको ज़माने लगे हैं,वही हमको चलना सिखाने लगे हैं।कमाई थी दौलत बड़ी मुश्किलों से,उसे भी वो अपना बताने लगे हैं। कवयित्री ज्योति गुप्ता ने सकारात्मक सोच से प्रेरित कविता पीड़ा को कुछ यूं व्यक्त किया कि हर दर्द को मात दे जो उम्मीदे बुनती है ,वो स्त्री ही है जो हर दिन नया सूरज बुनती है ।हिंदी पर गर्व करते हुए कवि मनीष तारण ने सुनाया कि हिंदी भाषा मेरी हिंद की शान है,जिसका होता सदा हमको बहुमान है ।नीरजा वाजपयी जी ने कल भी एक दौर था ,आज भी एक दौर है ,कल कुछ थे हम सब के अपने ही आज आप है,दौरों का यह सिलसिला चलता रहेगा आज आप हैं तो कल हम भी होंगे। श्रीमती शरद मिश्रा ने बाबूजी पर कविता पढ़ी,याद तुमारी आती हर दम क्या लिख दु, मैं बाबूजी,कविता भार्गव ने सब दर्द सह जाते हैं कुछ भी ना बोल पाते हैं ये बुजुर्ग है भाई जानकार भी अनजान बन जाते हैं।
*साथ ही त्रिशक्ति राष्ट्रीय मंच की परासिया/जुन्नारदेव प्रभारी स्मृति यादव को भारतीय जनता पार्टी की जिला छिंदवाड़ा के मंत्री पद मिलने पर सभी ने पुष्प गुच्छ देकर सम्मान किया,त्रिशक्ति मंच के सदस्यों ने उमा साहू जी का धूमधाम से जन्मदिन मनाया।
ओर गोधुली बृद्धाश्रम के बुजुर्गों के साथ सभी ने भोजन प्रसाद फल ग्रहण किया। कार्यक्रम में डॉ शोभा मोहित्रा,मंजुषा भारद्वाज,नीरजा वाजपयी,शरद मुकेश मिश्रा, कृष्णा बिसेन, स्मृति यादव,अरुणा सिंगारे,सुधा श्रीवास्तव,शिवांगी शर्मा, लीजा राजपूत,अंजना त्रिपाठी, निशा यादव,मीरा वाजपयी,उमा साहू,दीप्ती पाठक,ज्योति नेमा,अन्नु मिश्रा, कविता भार्गव,उपमा साहू, विनीता शर्मा,हीरा साहू,सुनीता पांडे, नीता नेमा,मनीषा तिवारी,मीना दुबे,साधना साहू, सती कोल्हे, संगीता ठाकरे,सरिता दुबे,सिमरन झाम,अर्चना चोरसिया,पुष्पा मिश्रा,शीला पांडे, मोहनी शुक्ला, कीर्ति शुक्ला,अमिता सिसोदिया,पुष्पा शर्मा, प्रतिमा सावले,कंचन वर्मा,पटेल, उर्मिला सिंग,भारती जैन,


