हिन्दी दिवस पर छिंदवाड़ा के तीन साहित्यकार प्रांतीय स्तर पर सम्मानित
छिंदवाड़ा // उग्र प्रभा
हिन्दी भाषा और साहित्य की गरिमा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने वाले छिंदवाड़ा जिले के तीन साहित्यकारों ने इस वर्ष हिन्दी दिवस के अवसर पर पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
वरिष्ठ कवि रामलाल सराठे ‘रश्मि’ ,जो म. प्र. आंचलिक साहित्यकार परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी हैं, को उनकी दार्शनिक एवं सामयिक सरोकारों से जुड़ी काव्य साधना के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया। उनकी कविताएँ समाज की सोच को नई दिशा देने के लिए जानी जाती हैं।
श्रीमती मोहिता मुकेश कमलेंदु, सचिव महिला प्रकोष्ठ, म. प्र. आंचलिक साहित्यकार परिषद, को महिला सशक्तीकरण विषय पर लिखे गए उनके बुलंद काव्य कौशल और नारी चेतना को स्वर देने वाले रचनात्मक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
वहीं अमरवाड़ा के युवा शिक्षक एवं कवि भोले प्रसाद नेमा ने भी हिन्दी साहित्य जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। नेमा जी देश के विभिन्न साहित्यिक मंचों पर अपनी सबरस कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करते आ रहे हैं। उनके इस योगदान को देखते हुए उन्हें भी हिन्दी दिवस पर हिन्दी भाषा एवं साहित्य सम्मान 2025 से अलंकृत किया गया।
यह सम्मान हिन्दी साहित्य भारती महाकौशल प्रांत एवं संस्कार भारती द्वारा प्रदान किया गया।
छिंदवाड़ा के साहित्य जगत व साहित्य प्रेमियों ने तीनों रचनाकारों की उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें ढेरों शुभकामनाएँ दीं और इसे जिले के लिए गौरव का क्षण बताया।
