मोहिता जगदेव
उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा
सोशल मीडिया पर युवाओं को जाल में फंसा रहे गिरोह पर कसेगा शिकंजा
एसआईएफ बैतूल ने मुलताई थाना प्रभारी से की मुलाकात, अभियान की दी जानकारी
उग्र प्रभा समाचार ,बैतूल। सेव इंडियन फैमिली (एसआईएफ बैतूल) द्वारा जिले में आईएसएम (इंस्टाग्राम से मुकदमा) नामक अभियान शुरू किया गया है, जिसमें युवाओं को जागरूक किया जाएगा कि सोशल मीडिया की दोस्ती कैसे गंभीर कानूनी संकट में बदल सकती है। एसआईएफ का मानना है कि जब किसी युवक पर झूठा केस दर्ज होता है, तो उसका पूरा परिवार प्रभावित होता हैं। एफआईआर में लड़के के साथ-साथ पूरे खानदान का नाम जोड़ दिया जाता है। ऐसे पीड़ित परिवारों को एसआईएफ बैतूल की ओर से मानसिक परामर्श, कानूनी सलाह और नैतिक सहयोग मुफ्त में दिया जाता है ताकि वे बिखरें नहीं पूरी ताकत से कानूनी लड़ाई लड़ सकें।
एसआईएफ बैतूल के प्रतिनिधि, पुरुष मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विशेषज्ञ डॉ. संदीप गोहे ने बताया सोशल मीडिया पर उपलब्ध प्लेटफॉर्म अब ब्लैकमेलिंग और फर्जी केस के शिकार बनाने का अड्डा बनते जा रहे हैं। बैतूल जिले में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। अब ऐसे मामलों को लेकर गंभीरता से आवाज उठाई जा रही है। डॉ. संदीप गोहे ने मुलताई थाना प्रभारी देवकरन डेहरिया से मिलकर थाना क्षेत्र में बढ़ रही घटनाओं पर चिंता जताई और एसआईएफ द्वारा शुरू किए गए अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुलताई क्षेत्र में भी सोशल मीडिया के ज़रिए युवकों को फंसाने के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी आईडी बनाकर पहले लड़कियां दोस्ती करती हैं, फिर किसी बहाने से ब्रेकअप या बहस के बाद झूठे केस की धमकी देती हैं। इसके बाद युवक से पैसे ऐंठने का सिलसिला शुरू होता है। कई मामलों में युवकों को मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित किया जाता है कि वे आत्महत्या तक कर लेते हैं।
- सोशल मीडिया पर सक्रिय है संगठित गिरोह
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संगठित गिरोह इसके पीछे सक्रिय होता है, जो लड़कियों को मोहरा बनाकर युवाओं को जाल में फंसाता है। या तो उन पर केस दायर किया जाता है, या फिर केस की धमकी देकर लाखों रुपये ऐंठे जाते हैं। डॉ. संदीप गोहे ने कहा कि एसआईएफ बैतूल का उद्देश्य यही है कि कोई निर्दोष युवक कि ऐसे झांसे में आने के बाद जान ना जाए और न ही किसी का परिवार सामाजिक या मानसिक रूप से बर्बाद हो। अगर कोई ऐसे मामलों में फस गया हो तो हेल्प लाइन नंबर 8882498498 पर संपर्क कर सकते है।
