मोहिता जगदेव
उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा
चांद कालेज में गुरु पूर्णिमा महोत्सव आयोजित
"गुरु के जरिए ही जगत में हर प्राण प्रस्फुटित है": प्रो. अमर सिंह
" सृष्टि में प्रत्येक अणु ब्रह्म है, ब्रह्म गुरु का ही रूप है ": आदित्य ठाकुर
" हर व्यक्ति परस्पर सीखकर एक दूसरे का ग़ुरु बनता है ": प्रफुल्ल ताम्रकार
उग्र प्रभा समाचार, चांद छिंदवाड़ा: शासकीय महाविद्यालय चांद में राष्ट्रीय सेवा योजना, व्यक्तित्व विकास और भारतीय संस्कृति ज्ञान परंपरा विभाग द्वारा आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव के मुख्य अतिथि युवा भाजपा नेता आदित्य ठाकुर ने कहा कि तत्त्वत: ब्रह्म ही गुरु हैं। वस्तुतः सृष्टि का प्रत्येक अणु ब्रह्म का ही स्वरूप है। ब्रह्म ही अपनी सुविधा के लिए सृष्टि के हर अवयव को सिखाने सीखने का काम दे देते हैं। चांद कालेज जनभागीदारी अध्यक्ष प्रफुल्ल ताम्रकार ने गुरु के बारे में कहा कि हम सब में अच्छाई, बुराई व कमियाँ हैं, हम कुछ न कुछ एक दूसरे को सिखा सकते हैं। प्राचार्य प्रो अमर सिंह ने कहा कि गुरु के जरिए इस विश्व में हर प्राण प्रस्फुटित है। सबके अपने अपने दायरे हैं। सिखाते सिखाते भी सब सीख रहे हैं और सीखते सीखते भी सिखा रहे हैं। प्रो. रजनी कवरेती ने कहा कि गुरुकृपा से मन में द्वैत नहीं रहता है, और अहं के राक्षस की मृत्यु हो जाती है। प्रो. सकरलाल बट्टी ने कहा कि गुरु विद्या अविद्या की बयार रूपी विकार का अंत कर देती है व व्यक्ति सिद्धियों के सोपानों या बहारों में विचरण करने लगता है।
प्रो. आर. के. पहाड़े ने कहा कि गुरु जीवन में अवलोकन कर सार ग्रहण करना सिखाता है। अर्शील कुरेशी ने गुरु को सांसारिक बंधनों से मुक्ति का जरिया बताया। विकास कथूरिया ने कहा कि गुरु महिमा का बखान करने में सारे समुद्र के पानी को स्याही बना लें तो भी कम पड़ जाएगी। रक्षा रघुवंशी ने कहा कि गुरु हमें वृत्तियों में व्याप्त गहन अंधकार से परे आलोक में ले जाते हैं। शिवानी ने कहा कि गुरु ब्रह्म ही सगुण रूप लेकर हमें गरिमा, महिमा व माधुर्य के परमानन्द में प्रतिष्ठित करते हैं। समारोह में रवि शंकर कहार, अमित चौधरी, विशाल चौरसिया, नोबल प्रजापति, प्रो. सुरेखा तेलकर, प्रो. रक्षा उपश्याम, एन. कुमार, शिवानी, नीलेश, आनंद, नरेश और श्वेता का विशेष योगदान रहा।

