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जागते रहो खून का रिस्ता ग्रूप के माध्यम सें 2000 यूनिट रक्त जरुरतमंदों को कर चुके है दान

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 जागते रहो खून का रिस्ता ग्रूप के माध्यम सें 2000 यूनिट रक्त जरुरतमंदों को कर चुके है दान 


छिंदवाड़ा की पुण्यभूमि से उभरा एक ऐसा नाम – रिंकू रितेश चौरसिया – जो अब केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि आशा, सेवा और समर्पण का पर्याय बन चुके हैं! आरके फर्नीचर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स के संस्थापक, एक सफल उद्यमी और कर्मठ कृषक,  रिंकू चौरसिया ने नि:स्वार्थ सेवा का ऐसा बेमिसाल उदाहरण पेश किया है, जिसकी अलौकिक आभा अब पूरे भारतवर्ष को आलोकित कर रही है। अपने अडिग संकल्प और मानवीय संवेदना के उच्चतम शिखर को छूते हुए, उन्होंने 2000 से अधिक असहाय और जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे जरूरतमंद पीड़ित मरीजों को 'जीवनदायिनी रक्त' का महादान सुनिश्चित करवाकर एक अनूठी सामाजिक क्रांति का सूत्रपात किया है। उन्हें अब छिंदवाड़ा के 'प्राणदाता' के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने अपनी अटूट लगन से अनगिनत परिवारों के बुझते चिरागों में फिर से आशा की ज्योति प्रज्ज्वलित की है।

यह केवल रक्तदान का आंकड़ा नहीं है, यह तो हजारों घरों में फिर से गूँजी किलकारियाँ हैं; यह उन माताओं की आँखों से छलकते कृतज्ञता के आँसू हैं, जिनके बच्चों को नवजीवन मिला; यह उन पिताओं का हृदय से निकला आशीर्वाद है जिनकी संतानें मौत के मुंह से वापस लौट आईं। श्री चौरसिया का प्रत्येक प्रयास, प्रत्येक पल, नि:स्वार्थ लोकसेवा को समर्पित रहा है।

विगत 15 वर्षों से, रिंकू रितेश चौरसिया ने 'जागते रहो ग्रुप' और 'खून का रिश्ता ग्रुप' जैसे शक्तिशाली मंचों का सृजन कर, जिले भर से 5000 से अधिक ऊर्जावान नागरिकों को समाज सेवा के इस पवित्र महायज्ञ से जोड़ा है। इन समर्पित समूहों के माध्यम से, उन्होंने न केवल जीवनरक्षक रक्तदान, बल्कि गौ सेवा, 'बेटी बचाओ अभियान' और पर्यावरण संरक्षण जैसे राष्ट्रीय महत्व के क्षेत्रों में भी अतुलनीय योगदान दिया है। जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन की लहर दौड़ी है।

"रक्तदान सर्वोत्तम दान है, यह सीधे प्राणों का संचार है," इस महामंत्र को अपने जीवन का ध्येय बनाने वाले रिंकू चौरसिया ने अपने व्यस्ततम जीवन के बावजूद, इस मानवीय मिशन की लौ को कभी मंद नहीं पड़ने दिया। उनकी निष्ठा, दृढ़ता और कर्मठता हर किसी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

इस ऐतिहासिक और हृदय को छू लेने वाली उपलब्धि पर, प्रेरणा और उत्साह से लबरेज समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने अपने हृदय के उद्गार व्यक्त करते हुए कहा, "जब आपका रक्त किसी असहाय की नसों में दौड़ता है, तो वह केवल शरीर को ऊर्जा नहीं देता, बल्कि उसके पूरे परिवार में जीवन की नई आशा, नई उमंग भर देता है। यह अनुभव शब्दों से परे है! मेरा यह कार्य मात्र एक प्रयास नहीं, बल्कि एक युग आह्वान है – हर उस नागरिक के लिए, हर उस युवा के लिए जो इस राष्ट्र के कर्णधार हैं – आइए, अपने निजी स्वार्थों के खोल से बाहर निकलकर इस सबसे बड़े 'राजधर्म' का पालन करें! आपका मात्र 15 मिनट का रक्तदान, किसी के जीवन को अनमोल बना सकता है। आज ही रक्तदान करें, क्योंकि आपकी एक बूंद, हजारों जिंदगियों को प्रेरणा दे सकती है और हमारे देश को 'रक्तदान क्रांति' की ओर अग्रसर कर सकती है!"

इस महायज्ञ को सफल बनाने के लिए, समाजसेवी श्री रिंकू रितेश चौरसिया ने उन सभी दानवीर रक्तदाताओं और सहयोगियों का हृदय से कोटि-कोटि धन्यवाद किया, जिनके नि:स्वार्थ समर्पण से यह असंभव कार्य संभव हो पाया। उन्होंने गौरव के साथ बताया कि यह 2000 यूनिट रक्तदान संपूर्ण छिंदवाड़ा जिले में सिकल सेल एवं थैलेसीमिया से ग्रसित मरीजों, दुर्घटनाग्रस्त मरीजों, गर्भवती महिलाओं, शल्य चिकित्सा मरीजों, एवं अन्य जरूरतमंद पीड़ित मरीजों को पूर्णतः निःशुल्क एवं नि:स्वार्थ भावना से करवाया गया है। सभी 2000 रक्तदाताओं का नाम, पता, मोबाइल नंबर एवं किस रक्तदाता ने कब और किस जगह रक्तदान दिया, इसका सारा रिकॉर्ड कंप्यूटर में दर्ज है, जो उनके कार्य में अद्वितीय पारदर्शिता और समर्पण को दर्शाता है।

समाज सेवी रिंकू रितेश चौरसिया का यह अदम्य साहस, उनकी नि:स्वार्थ भावना और राष्ट्र के प्रति उनका अडिग समर्पण केवल छिंदवाड़ा की एक स्थानीय गाथा नहीं, यह पूरे भारतवर्ष के लिए एक ऐसी प्रेरक महागाथा है, जो हमें सिखाती है कि सच्चा नेतृत्व सेवा से जन्म लेता है। यह एक ऐसा पुनीत आंदोलन है – जो दिलों को जोड़ता है, जिंदगियों को बचाता है और एक स्वस्थ, सशक्त एवं मानवीय राष्ट्र का निर्माण करता है!

आइए, मानवता के इस महायज्ञ में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें! आपका रक्त, किसी के लिए 'भगवान का वरदान' है! मानवता की इस पुकार पर दें अपना साथ!

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