मोहिता जगदेव
उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा
प्रो. लक्ष्मीचंद वैचारिक निखार के उत्कृष्ट समीक्षक हैं": प्रो. उर्मिला खरपुसे
हिन्दी भाषा की दार्शनिक चेतना मनुष्यता पोषित होती है": प्रो. लक्ष्मीचंद
प्रो.लक्ष्मीचंद हिन्दी भाषा के पुरुषार्थ से पोषित हस्ताक्षर हैं ": प्रो. अमर सिंह
उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा: पी. जी. छिंदवाड़ा के प्राचार्य प्रो. लक्ष्मीचंद की सेवानिवृति पर कालेज प्रबंधन द्वारा सभागार में आयोजित विदाई समारोह में नवनियुक्त प्राचार्य प्रो. अनिल जैन ने प्रो. लक्ष्मीचंद को हिन्दी भाषा का समर्पित साधक, प्रो. अमर सिंह ने पुरुषार्थ से पोषित शैक्षिक अवदानों के सशक्त हस्ताक्षर, प्रो. आर. के मिश्रा ने सृजनात्मक ऊर्जा का सौंदर्यवादी प्राध्यापक एवं प्रो. उर्मिला खरपुसे ने उत्कृष्ट वैचारिक निखार का समीक्षक कहा। इसी क्रम में प्रो. सुशील व्यौहार ने प्रो. लक्ष्मीचंद को भाषाई काबिलियत का बोधगम्य अनुशासित सिपाही, प्रो. युवराज पाटिल ने दूरदृष्टि युक्त प्रशासनिक अनुभव का गौरवपूर्ण व्यक्तित्व, प्रो. सी. डी. राव ने समस्याओं के तुरंत निराकरण के अधिष्ठाता, प्रो. टीकमणि पटवारी ने भाषायी संस्कृति के संस्कारों में पगे अध्येता, प्रो. सीमा सूर्यवंशी ने मानवीय सरोकारों की संवेदनाओं के सृजक लेखक एवं प्रो. रचना लारिया ने इंसानियत निर्माण के विचारों की प्रभावी शख्सियत बताया।
प्रो. लक्ष्मीचंद भाषाई संस्कारों में पगे अध्येता हैं": प्रो. टीकमणि पटवारी
प्रो. लक्ष्मीचंद भाषाई प्रवीणता के काबिल अध्येता हैं": प्रो. सुशील व्यौहार
प्रो. सागर भानोत्रा ने प्रो. लक्ष्मीचंद को संघर्ष की मिसाल, प्रो. हर्षुल रघुवंशी ने सनातनी गुरु परंपरा के सिद्धहस्त शिक्षक, शैल कुमारी धुर्वे ने स्वश्रम स्थापित साहित्यकार , डॉ.गुलाबचंद्र ने सांस्थानिक ढांचों के निर्माण के अग्रणी, प्रो. ताराचंद ने पुख्ता सामाजिक रिश्तों के प्रबल समर्थक, प्रेमचंद ने जीवन प्रबंधन दर्शन के कुशल वक्ता एवं ममताचंद ने पारदर्शी सोच का एक आदर्श पति बताया। पी. जी. कॉलेज छिंदवाड़ा के प्रति अपने कृतज्ञात्मक वक्तव्य में प्रो. लक्ष्मीचंद ने उच्च शिक्षा विभाग को दी गई अपनी 43 वर्षों की सेवाओं को लोकहित में समर्पित शिष्यवृत्ति का परोपकारी सुअवसर बताकर हिन्दी भाषा साहित्य के मार्फत आजीवन समाज सेवा करने सौभाग्यपूर्ण करार किया। इस अवसर पर ऋजु, आयुष, आर्जवी, अक्षरदीप के साथ परिवार एवं रिश्तेदारों की गरिमामई उपस्थिति रही।

