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*मोहन राकेश के नाट्य-साहित्य में खोजे ‘मूल्य-बोध’, हेमराज नागवंशी को मिली पीएच.डी.*

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    मोहिता जगदेव

उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने प्रदान की उपाधि,* 

सिवनी के शैक्षणिक जगत में हर्ष


  हिंदी साहित्य के क्षेत्र में शोध एवं अकादमिक उपलब्धि हासिल करते हुए नेता जी सुभाष चंद्र बोस कन्या महाविद्यालय, सिवनी के हिंदी विभाग में सहायक प्राध्यापक (जनभागीदारी) श्री हेमराज नागवंशी ने पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने प्रसिद्ध हिंदी नाटककार मोहन राकेश के नाट्य-साहित्य में मूल्य-बोध विषय पर शोध कार्य कर यह उपलब्धि हासिल की। उनकी इस सफलता से महाविद्यालय सहित जिले के शैक्षणिक जगत में हर्ष का माहौल है।

दीक्षांत समारोह में मिली डॉक्टरेट की उपाधि

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल के दीक्षांत समारोह में श्री हेमराज नागवंशी को हिंदी विषय में पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की गई। समारोह में मध्यप्रदेश के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति महामहिम श्री मंगूभाई पटेल, उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, कुलसचिव प्रो. सिंह तथा प्रो. रंगराजन (विदेशी व्यापार सचिव) की गरिमामयी उपस्थिति रही।

यह उपलब्धि श्री नागवंशी की लंबे समय से जारी अध्ययन, शोध एवं अकादमिक प्रतिबद्धता का परिणाम है। पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त होने पर उनके सहकर्मियों, विद्यार्थियों एवं शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी।

*मोहन राकेश के साहित्य में तलाशे सामाजिक और मानवीय मूल्य*

श्री नागवंशी ने अपने शोध में *हिंदी के महत्वपूर्ण नाटककार मोहन राकेश के नाट्य-साहित्य को केंद्र में रखा।* ‘मोहन राकेश के नाट्य-साहित्य में मूल्य-बोध’ विषय पर किए गए शोध में उनके नाटकों में अभिव्यक्त सामाजिक,मानवीय,नैतिक एवं जीवन-मूल्यों का अध्ययन और विश्लेषण किया गया है। शोध में यह भी रेखांकित किया गया है कि मोहन राकेश के नाट्य-साहित्य में व्यक्ति, परिवार और समाज के बदलते संबंधों के साथ जीवन-मूल्यों में आने वाले परिवर्तन किस प्रकार अभिव्यक्त होते हैं। इन मूल्यपरक पक्षों को समकालीन संदर्भों से जोड़ते हुए उनकी प्रासंगिकता को सामने लाने का प्रयास किया गया है।

*शोध निर्देशक के मार्गदर्शन में पूरा हुआ कार्य*

श्री हेमराज नागवंशी का शोध कार्य शोध निर्देशक डॉ. रामाकांत जोशी तथा सह-शोध निर्देशक श्री मलखान सिंह चौहान के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में पूर्ण हुआ। शोध के माध्यम से हिंदी नाट्य-साहित्य के अध्ययन में मूल्यपरक दृष्टिकोण को अकादमिक आधार प्रदान करने का प्रयास किया गया है।

*महाविद्यालय एवं जिले के लिए गौरव का अवसर*

श्री नागवंशी की इस उपलब्धि पर नेता जी सुभाष चंद्र बोस कन्या महाविद्यालय, सिवनी के प्राचार्य डॉ. ओमप्रकाश सैरवैया, अग्रणी महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. रविशंकर नाग, शासकीय विधि महाविद्यालय, सिवनी के प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार चौरासे, सहित श्री नरेंद्र भीमटे, श्री पंकज शेड़े एवं महाविद्यालय परिवार, सहकर्मियों, इष्ट-मित्रों और शुभचिंतकों ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

महाविद्यालय परिवार ने कहा कि श्री नागवंशी की पीएच.डी. की उपाधि केवल उनकी व्यक्तिगत शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि संस्थान एवं सिवनी जिले के लिए भी गौरव का विषय है। सभी ने उनके उज्ज्वल अकादमिक भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे हिंदी साहित्य, शोध एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहकर नई उपलब्धियां अर्जित करेंगे।

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