मोहिता जगदेव,उग्र प्रभा समाचार
ब्यूटीशियन प्रशिक्षण छात्राओं के लिए रोजगार का जरिया है : प्रो. अमर सिंह
सौंदर्य वृद्धि व्यक्तित्व को तराशने की एक बहुआयामी विधा है : ठाकुर दान सिंह
आंतरिक व वाह्य सौंदर्य का मेल सोने पे सुहागा होता है : प्रो. सुदीश सूर्यवंशी
उग्र प्रभा समाचार,चांद छिंदवाड़ा : शासकीय महाविद्यालय चांद में मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के अंतर्गत आयोजित एक माह तक चले ब्यूटीशियन प्रशिक्षण के समापन कार्यक्रम में प्राचार्य प्रो. अमर सिंह ने कहा कि छात्राएं सुंदरता के निखार के लिए अर्जित उत्कृष्ट कौशल से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार स्थापित कर सकती हैं। प्रो. सुदीश सूर्यवंशी ने कहा कि आंतरिक सौंदर्य से वाह्य सौंदर्य का मेल सोने पर सुहागा जैसा आभा बिखेरता है। प्रभारी अधिकारी प्रो. राजकुमार पहाड़े ने कहा कि वाह्य सौंदर्य की कसावट आत्मविश्वास वृद्धि का प्रभावी साधन है। प्रथम प्रभाव ही अंतिम प्रभाव होता है। नगर परिषद अध्यक्ष दान सिंह ठाकुर ने कहा कि आज के रोजगार निर्माण के बाजार में सौंदर्य वृद्धि का बाजार सर्वोपरि है। स्वयं को सजाने, तराशने व तलाशने की कोई अंतिम हद नहीं होती है। जो दिखता है, वही बिकता है। अक्सर वाह्य दृश्य प्रस्तुति को ही आंतरिक यथार्थ समझ लिया जाता है।
युवा भाजपा नेता आदित्य ठाकुर ने कहा कि आज सौंदर्य वृद्धि का बाजार सुदूर ग्रामीण अंचल तक पहुंच चुका है और इस क्षेत्र में प्रशिक्षित छात्राएं स्थानीय स्तर पर कम लागत से स्वरोजगार शुरू कर सकती हैं। सुरेखा तेलकर ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण छात्रों में आत्मविश्वास में वृद्धि करते हैं। स्वयं को सजाना भी एक कला है, जिसकी बहुआयामी सौंदर्य वृद्धि से व्यक्तित्व को चार चांद लग जाते हैं। सौरभ पटेल ने कहा कि ब्यूटीशियन के प्रशिक्षण से छात्राएं अपने ग्रामीण अंचल में आर्थिक समृद्धि का पर्याय बन सकती है। प्रो. सकर लाल बट्टी ने कहा कि स्वयं की आभामय प्रस्तुति शिक्षा के उद्देश्यों में से एक है। प्रो . अजय तेलंग ने कहा कि ब्यूटीशियन का काम नाम, दाम और स्वाभिमान से जीने का जरिया है। प्रो. रक्षा उपश्याम ने कहा कि स्वाभाविक सुंदरता और संतुलित मेक अप एक दूसरे के पूरक हैं। संतोष अमोडिया ने कहा है कि छात्राएं ब्यूटीशियन प्रशिक्षण से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ गई हैं।

