अमरवाडा विकास की चकाचौंध के बीच वार्ड 8 की बदहाल सड़क, दर्जनों गड्ढों और कीचड़ से राह मुश्किल
फव्वारा-शहीद चौक से बड़मोहल्ला बट-वृक्ष तक 400 से 500 मीटर मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे और जलभराव
अमरवाड़ा //उग्र प्रभा
नगर के वार्ड क्रमांक 8, जिसे आजाद/शिवाजी वार्ड के नाम से भी जाना जाता है, में विकास के दावों के बीच सड़क की बदहाली नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। फव्वारा-शहीद चौक से बड़मोहल्ला बट-वृक्ष तक करीब 400 से 500 मीटर लंबे मार्ग पर जगह-जगह दर्जनों गड्ढे, कीचड़ और जलभराव दिखाई दे रहा है। बारिश के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। मार्ग से पैदल निकलना तो मुश्किल है ही, दोपहिया वाहन चालकों को भी बेहद सावधानी बरतनी पड़ रही है।वार्डवासियों के अनुसार सड़क पर बने कई गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। वाहन चालक गड्ढों से बचने के लिए सड़क के किनारे से निकलने का प्रयास करते हैं, जिससे आमने-सामने आने वाले वाहनों के बीच परेशानी की स्थिति बनती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोपहिया वाहन चालकों, विशेषकर बच्चों के फिसलने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
*स्वागत द्वार के नीचे बड़े गड्ढे बने परेशानी*
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक सबसे खराब स्थिति स्वागत द्वार के नीचे बनी हुई है, जहां करीब 4×3 आकार के कई बड़े गड्ढे बताए जा रहे हैं। इनके अलावा छोटे-बड़े अन्य गड्ढों की भी भरमार है। बारिश का पानी इनमें जमा रहने से पैदल राहगीरों को सबसे अधिक परेशानी होती है। तेज गति से निकलने वाले वाहनों के पहियों से पानी और कीचड़ उछलकर राहगीरों के कपड़ों पर पड़ता है।
महत्वपूर्ण मार्ग होने के बावजूद बदहाली
यह मार्ग मुख्य सड़क से जुड़ने वाला महत्वपूर्ण रास्ता है। स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थी, कर्मचारी, मजदूर, किसान, व्यापारी और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले नागरिक इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहनों की गति प्रभावित हो रही है और बारिश के दौरान आवागमन और अधिक जोखिम भरा हो जाता है।प्रभावशाली वार्ड, फिर भी सड़क की हालत पर सवाल
वार्ड क्रमांक 8 को नगर का प्रभावशाली क्षेत्र माना जाता है।
यहां पूर्व मंत्री, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष, वर्तमान पार्षदों, राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारियों और अनेक वरिष्ठ व्यापारियों के निवास होने की बात स्थानीय नागरिक बताते हैं। इसके बावजूद मुख्य आवागमन वाले मार्ग की यह स्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है।
पाइपलाइन और सड़क निर्माण को लेकर भी उठ रहे सवालवार्डवासियों का कहना है कि क्षेत्र की पाइपलाइन बदलने की बात लंबे समय से कही जा रही है। सकरवाडा डेम से शहर की पाइपलाइन व्यवस्था को जोड़ने तथा नई पाइपलाइन के कार्य की स्वीकृति की बात भी सामने आती रही है। नागरिकों की मांग है कि यदि सड़क और पाइपलाइन दोनों से संबंधित कार्य प्रस्तावित या स्वीकृत हैं तो विभाग आपसी समन्वय बनाकर पहले पाइपलाइन का कार्य पूरा करे और उसके बाद सड़क का स्थायी निर्माण कराया जाए।स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल गड्ढों में मिट्टी या मुरम डालकर समस्या का समाधान नहीं होगा, क्योंकि बारिश में यह सामग्री बह जाती है और कुछ समय बाद सड़क फिर उसी स्थिति में पहुंच जाती है। नागरिक अब स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

