मोहिता जगदेव
उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा
चांद कॉलेज में तुलसी जयंती समारोह
तुलसी दार्शनिक चेतना के प्रखर सन्त थे"-प्रो. अमर सिंह
भक्ति का चरमोत्कर्ष तुलसी को कालजयी बनाता है": प्रो. अमर सिंह
उग्र प्रभा समाचार,चांद छिंदवाड़ा: शासकीय महाविद्यालय चांद में संपन्न तुलसी जयंती समारोह में डॉ. अमर सिंह ने जनकवि तुलसी को सामाजिक, दार्शनिक व वैचारिक चेतना का प्रखर संत बताया।भक्ति का चर्मोउत्कर्ष उनकी रचनाधर्मिता को कालांतर में चरितार्थ करता रहेगा। सामाजिक समरसता का यह प्रकांड पंडित वैश्विक साहित्य मनीषियों में अपना स्थान बना चुका है। प्रो. सुरेखा तेलकर ने तुलसी साहित्य में पीड़ित मानवता को संत्रासों से मुक्ति का संदेश कहकर उनके विराट व्यक्तित्व को रेखांकित किया।
प्रो. सुधीश सूर्यवंशी ने तुलसी को दास्य और भक्ति, साकार और निराकार, शैव और वैष्णव, सगुण और निर्गुण देशीभाषा और संस्कृत का युगप्रवर्तक समन्वयक बताया। प्रो. राजकुमार पहाड़े ने तुलसी को अथाह प्रेम के उपासक के रूप में राम के चरित चित्रण एवं प्रो. सकर लाल बट्टी ने तुलसी को मानवमूल्यों की प्रतिष्ठा हेतु बढ़ती हुई खाईयों को पाटने के मंत्र वाला 4कवि कहा। प्रो. रक्षा उपश्याम ने कहा कि तुलसी संस्कृत के प्रकांड पंडित होने के बावजूद अपने साहित्य को आम जन की पहुँच में आनेवाली अवधी, ब्रज और खड़ीबोली में रचकर जननायक सिद्ध हुए। संतोष अमोडिया ने कहा कि तुलसी ने अपने महाकाव्य रामचरितमानस में जीवन के मनोवैज्ञानिक स्थलों की पहचान कर उनकी विशद विवेचना सुगमतापूर्वक कर लोगों के हृदयसम्राट बन गए हैं।

