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नेर से पचमढ़ी–नागद्वार तक ऐतिहासिक कावड़ पदयात्रा, 29 घंटे में 96 किलोमीटर पैदल चले जयकुमार नागवंशी

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 नेर से पचमढ़ी–नागद्वार तक ऐतिहासिक कावड़ पदयात्रा, 29 घंटे में 96 किलोमीटर पैदल चले जयकुमार नागवंशी 


छिंदवाड़ा//नेर//उग्र प्रभा 

नाग पंचमी के पावन अवसर पर 17 अगस्त 2026 को ग्राम नेर निवासी श्री जयकुमार नागवंशी (नेर) हनुमान भक्त के नेतृत्व में हर-हर महादेव, श्री भूराभगत महाराज मित्र मंडल नेर के तत्वावधान में ऐतिहासिक विशाल कावड़ एवं नागद्वार पदयात्रा निकाली गई। इस यात्रा में जयकुमार नागवंशी सहित समस्त मित्र मंडल ने लगभग 29 घंटे में 96 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर आस्था और भक्ति की मिसाल कायम की।

यात्रा पचमढ़ी से प्रारंभ होकर नागद्वार होते हुए चौरागढ़ स्थित भूराभगत भोलेनाथ मंदिर तक पहुंची। श्रद्धालुओं द्वारा मां नर्मदा एवं नौ नदियों का पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया गया तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन कर यात्रा का समापन किया गया।

जंगलों और दुर्गम रास्तों के बीच गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे

नागद्वार की कठिन पहाड़ियों, गहरी खाइयों और घने जंगलों के बीच लाखों श्रद्धालु “जय भूराभगत”, “हर-हर महादेव” और “जय श्रीराम” के जयकारों के साथ आगे बढ़े। मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु इस ऐतिहासिक धार्मिक यात्रा में शामिल हुए।

श्री जयकुमार नागवंशी हनुमान भक्त ने नागद्वार पहुंचकर नगदेव के दर्शन किए तथा मां नर्मदा एवं नौ नदियों के पवित्र जल और दूध से अभिषेक कर माथा टेका। इस दौरान उन्होंने नागद्वार एवं चौरागढ़ के पुजारियों से दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या के संबंध में जानकारी भी ली।10 वर्षों में पहली बार करीब 30 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावायात्रा के दौरान पुजारियों द्वारा बताया गया कि पिछले करीब 10 वर्षों में पहली बार नागद्वार के घने जंगलों और हरियाली के बीच लगभग 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने-जाने और दर्शन करने का अनुमान है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने इस धार्मिक आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।देशवासियों की सुख-शांति और समृद्धि के लिए निकाली यात्राश्री जयकुमार नागवंशी ने बताया कि यह ऐतिहासिक विशाल नागद्वार कावड़ पदयात्रा देशवासियों की सुख-शांति, समृद्धि, खुशहाली और मंगलकामना को लेकर निकाली गई थी। उन्होंने यात्रा को सफल बनाने में सहयोग करने वाले शासन-प्रशासन के साथ ही सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि इस यात्रा और समापन कार्यक्रम में शामिल हुए लाखों भक्त-श्रद्धालुओं का हृदय से अभिनंदन एवं आभार है। धार्मिक एवं सामाजिक आस्था की यह परंपरा निरंतर आगे बढ़ती रहे, यही कामना है।

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