मोहिता जगदेव
उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा
"प्रो. चंदेलकर गांव की गली से सफलता के शीर्ष पर पहुंचने वाली शख्सियत हैं:" प्रो. लक्ष्मीचंद
" प्रो. चंदेलकर फर्श से अर्श तक पहुंचने वाली बिरली प्रतिभा हैं": प्रो. के. एल. तांडेकर
"प्रो. चंदेलकर आम आदमी से खास आदमी बनने की मिसाल हैं": प्रो. अमर सिंह
उग्र प्रभा समाचार, छिंदवाड़ा: पी. जी. कॉलेज छिंदवाड़ा के पूर्व प्राचार्य एवं उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश शासन जबलपुर के अतिरिक्त संचालक प्रो. पंजाबराव चंदेलकर की 41 वर्षों की ऐतिहासिक सेवाओं की स्मृतियों पर स्थानीय सिल्वरशाइन होटल छिंदवाड़ा में आयोजित सम्मान समारोह में प्रो. लक्ष्मीचंद ने कहा कि प्रो. चंदेलकर का गांव की गलियों से निकलकर अतिरिक्त संचालक बनने तक का सफर एक साधारण से असाधारण बनने की मिसाल है। राजनांदगांव कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो. के. एल. तांडेकर ने प्रो. चंदेलकर को सहजता से अभिप्रेरित फर्श से अर्श तक की दूरी नापने वाली शख्सियत बताया। एमपीपीएससी इंदौर के अधिकारी प्रो. सुशांत पुणेकर ने प्रो. चंदेलकर को उच्च शिक्षा विभाग का एक निर्भीक, संरचनात्मक ढांचा को विकसित करने को उत्सुक और मानवीय मूल्यों को सहेजने वाले अधिकारी की संज्ञा से विभूषित किया।
प्रो. अमर सिंह ने प्रो. चंदेलकर की संपूर्ण सेवाकाल के सफ़र को एक आम आदमी से खास आदमी बनने का अनुकरणीय उदाहरण बताया। धनराव चंदेलकर ने प्रो. चंदेलकर को सामयिक मार्गदर्शक, लोकहितैषी और बिरले जज्बे का अधिकारी बताया। प्रो. आर. के. जैन ने कहा कि प्रो. चंदेलकर ने सरकारी नीतियों से वंचित वर्गों के छात्रों के हित के लिए किए अनूठे कार्य सदैव स्मरणीय रहेंगे। प्रो. अजय ठाकुर ने प्रो. चंदेलकर द्वारा क्रीड़ा के क्षेत्र में छात्राओं के लिए किए गए अभूतपूर्व योगदान पर प्रकाश डाला। डॉ. स्वाति चंदेलकर ने प्रो. चंदेलकर को महिला सशक्तीकरण से राष्ट्र निर्माण की दूरदृष्टि वाला उल्लेखनीय उत्साह वाला प्राध्यापक कहा। अंत में अतिरिक्त संचालक प्रो. पी. आर. चंदेलकर ने अपनी जीवन यात्रा में मदद हेतु आए सभी पथिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह को वंदना चंदेलकर, भूपेश चौकीकर और भंवरकर ने भी संबोधित किया। समारोह में उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश से जुड़ी गणमान्य लोगों के साथ सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

