मोहिता जगदेव
उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा
वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य महाप्रभु का दिव्य महास्नान संपन्न हुआ
उग्र प्रभा समाचार,छिन्दवाड़ा: श्री छिन्दवाड़ा जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव–2026 का शुभारंभ भगवान श्री जगन्नाथ जी, भगवान बलभद्र जी, भगवती सुभद्रा जी एवं सुदर्शन महाराज के दिव्य महास्नान के साथ अत्यंत श्रद्धा एवं वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ। प्रातःकाल सर्वप्रथम महाप्रभु की पारंपरिक पाहाण्डी विजय संपन्न हुई, जिसमें क्रमशः भगवान बलभद्र, भगवती सुभद्रा, भगवान जगन्नाथ एवं सुदर्शन महाराज को गर्भगृह से वर्धमानेश्वर महादेव मंदिर के उत्सव मंडप में ले जाकर स्नान वेदी पर विराजमान कराया गया। इसके पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य महाप्रभु का दिव्य महास्नान संपन्न हुआ।महास्नान में पंचगव्य, पंचामृत, पंचरत्न, सप्तमृत्तिका, विविध औषधियों, जड़ी-बूटियों, फलों के रस, सुगंधित द्रव्यों तथा 37 पवित्र तीर्थों के जल से भगवान का अभिषेक किया गया। इस अवसर पर भगवान श्री लक्ष्मी-नारायण का भी दिव्य स्नान सम्पन्न हुआ।
स्नान के उपरांत परंपरानुसार भगवान की बनकलागी (बनका लागी) नीति सहित अन्य नीतियों का विधिवत् निर्वहन किया गया।इसके पश्चात महाप्रभु का अलौकिक गजवेश (हाथी वेश) श्रृंगार किया गया, जिसमें भगवान श्री जगन्नाथ भक्तों को भगवान श्री गणेश के स्वरूप में दिव्य दर्शन प्रदान करते हैं। गजवेश का दर्शन भगवान के मंगलमय एवं विघ्नहर्ता स्वरूप का प्रतीक माना जाता है।सनातन परंपरा में स्नान पूर्णिमा को भगवान श्री जगन्नाथ के प्रमुख उत्सवों में विशेष स्थान प्राप्त है। इसे बारह मास की तेरह यात्राओं में प्रथम एवं भगवान श्री जगन्नाथ के प्राकट्योत्सव के रूप में भी श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाप्रभु के गजवेश दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा रथयात्रा महोत्सव के शुभारंभ पर धर्मलाभ प्राप्त किया।

