💔 पिता का साया उठा… तो बेटियों का सहारा बनी नटनी माई सेवा समिति
छिन्दवाड़ा //उग्र प्रभा
(नीलेश डेहरिया संपादक)
जब इंसान चला जाता है, तब उसके पीछे छूट जाती हैं यादें, जिम्मेदारियां और उन अपनों की नम आंखें, जिनकी पूरी दुनिया उसी एक व्यक्ति के सहारे टिकी होती है। ऐसे कठिन समय में यदि समाज किसी टूटे हुए परिवार का हाथ थाम ले, तो वही मानवता की सबसे बड़ी पहचान बन जाती है।"
नियति का क्रूर प्रहार कब किसी हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन ले, यह कोई नहीं जानता। लिंगा निवासी 40 वर्षीय योगेश ठाकरे के आकस्मिक निधन ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया। दिल का दौरा पड़ने से 1 मई को हुई उनकी असमय मृत्यु ने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया। पीछे रह गईं बेसहारा मां, पत्नी कीर्ति ठाकरे और दो मासूम बेटियां, जिनकी दुनिया अभी अपने पिता के स्नेह के इर्द-गिर्द ही सिमटी थी।
11 वर्षीय भाग्यश्री ठाकरे, जो कक्षा छठवीं में अध्ययनरत हैं, एवं छोटी बेटी तोषिका, जो कक्षा चौथी की छात्रा हैं, अभी जीवन की खुशियों को ठीक से समझ भी नहीं पाई थीं कि पिता का साया सिर से उठ गया। इस दुःखद घटना ने पूरे परिवार को आर्थिक और मानसिक संकट में डाल दिया।
जब इस पीड़ा की सूचना लिंगा निवासी समाजसेवी एवं व्यवसायी पवन साहू ने श्री नटनी माई क्षेत्रीय सेवा समिति अमरवाड़ा को दी, तो समिति ने तुरंत मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए मदद का हाथ बढ़ाया। समिति के वरिष्ठ सदस्यों ने आपसी सहयोग से लगभग 30 हजार रुपये की राहत सामग्री एकत्रित की, जिसमें 1 क्विंटल चावल, 1 क्विंटल आटा, 30 किलो तुअर दाल, 50 किलो शक्कर, 2 केन 15 लीटर महाकोष तेल, साबुन, निरमा सहित आवश्यक किराना सामग्री शामिल रही।
दिनांक 24 मई 2026 को समिति के लगभग 40 सदस्य अमरवाड़ा से लिंगा पहुंचे और पीड़ित परिवार को यह सहायता सामग्री सौंपते हुए उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इतना ही नहीं, समिति ने मानव सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए दोनों बेटियों की शिक्षा हेतु आगामी 15 वर्षों तक प्रतिमाह 1000 रुपये सहयोग देने का वचन पत्र बच्चियों की मां कीर्ति ठाकरे को सौंपा।
समिति का यह सेवा कार्य केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है। समिति वर्तमान में पौनार अमरवाड़ा की 6 अनाथ बेटियों को प्रतिमाह 2000 रुपये तथा कुदवारी एवं अमरवाड़ा की 3-3 पितृहीन बेटियों को प्रतिमाह 600-600 रुपये की सहायता निरंतर प्रदान कर रही है, जो आगामी 15 वर्षों तक जारी रहेगी।
आज जब समाज में संवेदनाएं कम होती दिखाई देती हैं, ऐसे समय में श्री नटनी माई क्षेत्रीय सेवा समिति मानवता, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल बनकर सामने आई है। समिति ने यह साबित कर दिया कि यदि समाज एकजुट हो जाए तो किसी भी दुःखी परिवार को अकेला नहीं छोड़ना पड़ता।
इस अवसर पर समिति संरक्षक सुमेर चंद साहू, अध्यक्ष अरुण बूटी नेमा, संस्थापक संयोजक राधेश्याम सोनी, कोषाध्यक्ष गणेश साहू, लक्ष्मी प्रसाद साहू, राजेन्द्र भल्ला छिन्दवाड़ा, सह संरक्षक राकेश विश्वकर्मा (राघव इंडस्ट्रीज), राजाराम सूर्यवंशी, सी.के. चौबे (सेवानिवृत्त अधिकारी सिवनी), नवीन जैन (पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष), अनुराग मिश्रा बीईओ अमरवाड़ा, महेंद्र डेहरिया प्राचार्य, मंतलाल परतेती जनपद सदस्य, श्रीमती ममता तिवारी, आशा मर्सकोले, माया डेहरिया, इंदु नेमा, मुकेश नेमा, धनराज सिंह चंदेल, पवन साहू लिंगा, कमलेश साहू, संजय साहू, शैलू ठाकुर ग्राम सरपंच लिंगा सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं नगरवासी उपस्थित रहे।
मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है — और #नटनीमाईसेवासमिति इस धर्म को पूरी निष्ठा से निभा रही है।

