मोहिता जगदेव
उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा
नाट्यगंगा का पाँच दिवसीय नाट्योत्सव आज से
उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा/ संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार से संबद्ध नाट्यगंगा रंगमंडल के द्वारा छिंदवाड़ा में रंगकर्म के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जाते हैं। इस ही क्रम में आज से नाट्यगंगा रंगमंडल के द्वारा पाँच दिवसीय नाट्योत्सव प्रारंभ किया जा रहा है जिसमें कलकत्ता, पश्चिम बंगाल से सुप्रसिद्ध अभिनेत्री पौलमी घोष के द्वारा एक नाटक प्रस्तुत किया जाएगा। यह नाटक सुप्रसिद्ध लेखिका, सामाजिक और राजनैतिक कार्यकर्ता और प्राध्यापिका हेलन केलर की आत्मकथा पर आधारित है। इस नाटक का नाटक अंधकार से प्रकाश की ओर है, जिसका लेखन और निर्देशन देश के सुप्रसिद्ध रंगकर्मी लकीजी गुप्ता, जम्मू कश्मीर ने किया है। हेलन केलर सुन और बोल नहीं सकती थीं पर उन्होंने इस चुनौती को ख़ारिज कर जीवन में सफलता हासिल की । इस प्रेरणादायी कहानी को छात्र छात्राओं और आम दर्शक तक पहुंचाना ही इस आयोजन का उद्देश्य है। आज शाम 7 बजे इस नाटक का पहला मंचन नागपुर रोड स्थित वर्धमान सिटी में किया जाएगा। जिसमें शहर के सभी दर्शक शामिल हो सकते हैं। कल से संदीपनी विद्यालय गुरैया, काली बाड़ी मंदिर प्रांगण, एमएलबी स्कूल, सतपुड़ा लॉ कॉलेज, सोनी कंप्यूटर, अरिहंत इंटरनेशनल स्कूल आदि स्थानों पर इस नाटक के मंचन किए जाएंगे ।
कौन थीं हेलेन केलर
हेलन केलर एक अद्भुत व्यक्तित्व थीं, जिन्होंने अपनी असाधारण इच्छाशक्ति और साहस से दुनिया को प्रेरित किया।हेलेन केलर का जन्म 27 जून 1880 को अलबामा(अमेरिका) में हुआ था। मात्र 19 महीने की उम्र में एक बीमारी के कारण वे नेत्रहीन और मूक-बधिर हो गईं। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी।उनकी शिक्षिका एनी सुलिवन ने उन्हें पढ़ना-लिखना और संवाद करना सिखाया। उनकी मदद से हेलेन ने शिक्षा प्राप्त की और आगे चलकर वे एक प्रसिद्ध लेखिका, वक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता बनीं। उन्होंने विकलांग लोगों के अधिकारों के लिए काम किया और कई प्रेरणादायक पुस्तकें लिखीं, जिनमें उनकी आत्मकथा The Story of My Life बहुत प्रसिद्ध है।
