मोहिता जगदेव
उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा
परहित से बड़ा पुण्य व परपीड़ा से बड़ा पाप नहीं है": प्रो. उर्मिला खरपुसे
पर्यावरण संरक्षण में कोताही हमारे वजूद के लिए खतरा है": प्रो. अमर सिंह
उग्र प्रभा समाचार,चांद छिंदवाड़ा: शासकीय महाविद्यालय चांद में ईको क्लब द्वारा पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत स्वस्थ जीवन शैली विषय पर आयोजित कार्यशाला में मुख्य अतिथि बतौर बोलती हुई पी. जी. कॉलेज छिंदवाड़ा की हिन्दी की विभागाध्यक्ष प्रो. उर्मिला खरपुसे ने छात्रों को बताया कि भारतीय संस्कृति में स्वस्थ व संतुलित जीवन शैली के अनुसार हमारे कर्म ऐसे हों कि किसी भी प्राणी के हितों को नुकसान न हो, क्योंकि परहित समान कोई पुण्य नहीं है और परपीड़ा के समान कोई पाप नहीं है। ईको क्लब प्रभारी अधिकारी प्राचार्य प्रो. अमर सिंह ने कहा कि बिना स्वस्थ जीवन शैली के हमारा जीवन अस्तित्व को संकट से उबारने में हमारे सिवा और कोई हमारे साथ नहीं होगा। प्रो. चंद्रशेखर उसरेठे ने कहा कि छात्र नशा मुक्ति, बर्मी कंपोस्ट, अपशिष्ट प्रबंधन और औषधीय पौधों के संरक्षण जैसे आज के ज्वलंत मुद्दों पर जमीनी काम करें। प्रो. राजेश कहार ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारतीय संस्कृति में जैव विविधता संरक्षण, हरित परिसर हेतु पौधों की सुरक्षा करने और किचन गार्डन जैसी विधियों पर पर्याप्त चिंतन की दृष्टि डाली गई है।
प्रो. जागृति कावड़े ने कहा कि भीषण गर्मी से पक्षियों को बचाने के लिए उनके लिए पीने के पानी की व्यवस्था करके हम पर्यावरण संरक्षण पर नेक काम कर सकते हैं। प्रो. अजीत डहेरिया ने कहा कि स्वस्थ जीवन शैली की जागरूकता बढ़ाने के लिए छात्रों द्वारा पोस्टर निर्माण, रंगोली और निबंध प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों की रचनात्मक सोच को बढ़ावा मिलता है। कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन द्वारा भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में उत्तीर्ण छात्रों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यशाला में प्रो. रजनी कवरेती, प्रो. जी. एल. विश्वकर्मा, प्रो. लक्ष्मण उइके, प्रो. आर. के. पहाड़े, प्रो. सुरेखा तेलकर, प्रो. सकर लाल बट्टी और प्रो. रक्षा उपश्याम का सराहनीय प्रयास रहा।

