ग्राम चिखलीखुर्द में 70-80 एकड़ गेहूं की फसल आग से नष्ट, किसानों में आक्रोश
चौरई //उग्र प्रभा
चौरई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम चिखलीखुर्द में आज दोपहर करीब 1:30 बजे भीषण आग लगने से किसानों की लगभग 70-80 एकड़ में लगी खड़ी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। इस घटना से पूरे गांव में हड़कंप मच गया और किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा।किसानों ने आग बुझाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन आग इतनी तेज थी कि उस पर काबू नहीं पाया जा सका। घटना की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को दी गई, लेकिन समय पर न तो राजस्व अमला पहुंचा और न ही पुलिस बल मौके पर पहुंच सका।
स्थिति गंभीर होने पर किसानों ने जिला कलेक्टर हरेंद्र नारायण सिंह को सूचना दी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। तहसील चांद से राजस्व अमला करीब 2:30 बजे मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक अधिकांश फसल जलकर राख हो चुकी थी। आग बुझाने के लिए दमकल वाहन भी समय पर नहीं पहुंचा, जिससे किसानों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी गई।गौरतलब है कि उसी दिन प्रदेश के मुखिया छिंदवाड़ा में बस दुर्घटना में घायल लोगों से मिलने पहुंचे थे, बावजूद इसके जिले के ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी बड़ी घटना पर त्वरित कार्रवाई नहीं हो पाई।इस हादसे में गांव के कई किसानों की फसल नष्ट हुई है, जिनमें बलवान वर्मा, सूरज वर्मा, विनोद वर्मा, इंद्रकुमार वर्मा, राजेंद्र वर्मा, धनराज वर्मा, संतोष वर्मा और जागलाल वर्मा सहित अन्य कृषक शामिल हैं।अखिल भारतीय लोधी लोधा लोध महासभा के प्रदेश मंत्री एडवोकेट देवेंद्र वर्मा ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसान नरवाई में आग लगाता, तो प्रशासन तुरंत पहुंच जाता। उन्होंने मांग की कि जली हुई फसल का शीघ्र सर्वे कर किसानों को तत्काल मुआवजा प्रदान किया जाए। इस संबंध में उन्होंने जिला कलेक्टर से चर्चा भी की है।

