डॉ.नितिन के राजनैतिक सफ़र की शुरुआत विद्यार्थी परिषद में लंबे कालखंड के बाद भाजपा प्रदेश में एंट्री
इंदौर //उग्र प्रभा //
इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से वर्ष 2014 में विद्यार्थी परिषद के एक सामान्य छात्र कार्यकर्ता के रूप में अपने राजनैतिक जीवन की शुरुआत करने वाले डॉ नितिन करीब 8 वर्षों तक लगातार विद्यार्थी परिषद में सक्रिय रहे काफी कम समय में छात्रावासों में उनकी अच्छी पकड़ और छात्रों में एक प्रखर नेता के रूप में इनकी छवि बनी थी ,
इस दौरान महाविद्यालय इकाई , विश्वविद्यालय,महानगर समेत पूरे प्रांत के अनेको दायित्वों पर भी इन्होंने कार्य किया खास कर छात्रावास कार्य के विस्तार के लिए इन्हें योगदानकर्ता माना जाता है ,इसी दौरान इन्होंने विश्वविद्यालय और महानगर के काफी सारे प्रमुख बड़े आंदोलनों में भी नेतृत्वकर्ताओं के साथ नेतृत्व किया , ऐसे कई आंदोलन हुए जिसमें विद्यार्थी परिषद ने निर्णय शासन से करवाए , इनकी छवि ना सिर्फ़ आंदोलन प्रदर्शनों के लिए बल्कि रचनात्मक कार्यों के लिये भी जानी जाती है , इनकी पहचान एक वक्ता और कुशल लेखक के रूप में भी स्थापित है , वर्ष 2019 में इन्होंने युवार्थ नामक किताब का प्रकाशन भी किया जिसने अनेको देशों में भी अपनी विशेष जगह बनाई , साथ ही अभी तक 200 से अधिक राजकीय और राष्ट्रीय मंचों पर अपने संबोधनों से अपनी आवाज़ को अपनी पहचान के रूप में स्थापित किया है हाल ही में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में जो हिंदू सम्मेलन हुए उसमें भी नितिन ने अपने शब्दों से हिंदू समाज को जोड़ने के लिए अनेको मंचों पर अपनी आवाज़ पहुंचाई
बड़ी मात्रा में सोशल मीडिया में इनके संबोधन युवाओं ने देखे और शेयर किए , शिक्षा में भी लगातार अग्रणी रहते हुए पत्रकारिता में स्नातकोत्तर सहित महाकौशल के ग्रामीण उद्योगों के विकास में मीडिया और समाज का कितना योगदान है ऐसे गंभीर विषय पर पीएचडी की शिक्षा भी पूर्ण की है , लगातार समाचार पत्रों में अपने आलेखों और संपादकीय प्रकाशित होती है जो युवाओं को बड़े स्तर पर प्रभावित भी करती है ,अब मात्र 28 वर्ष की आयु में इन्हें भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चे मध्य प्रदेश के सोशल मीडिया प्रभारी का पद पार्टी ने सौंपा है नितिन पूरी कार्यकारणी में सबसे कम उम्र के पदाधिकारी है , यह उनका पार्टी में पहला अधिकृत पद है जिसे इनके समाजिक राजनैतिक जीवन की पहली सीढ़ी माना जा रहा है , अनुसूचित जाति के नए युवा चेहरों को तैयार करने में भाजपा मध्यप्रदेश का भी ध्यान केंद्रित है, नितिन मूलतः छिंदवाड़ा जिले के परासिया से है जो एक अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र भी है , और इस जिले से लगे अनेको जिलों में भी अनुसूचित जाति की आबादी काफी बड़ी मात्र में है , जिनमें प्रमुख तौर पर सिवनी जैसे जिले है जहाँ अनुसूचित जाति के वोटर चुनावों की हार जीत तय करते है , शायद इसी एक रणनीति के तहत भी नितिन जैसे युवाओं को संगठन मौका दे रहा है , ये कही ना कही आने वाले समय के बड़े राजनैतिक चेहरों को दर्शाता है , यही कुछ नए मौके जनजाति मोर्चा में भी नए युवाओं को संगठन द्वारा दिया गया है , ताकि जनजातीय क्षेत्रों में भी नए नए युवा चेहरे बन पाएं ।


