व्यवहार न्यायालय अमरवाड़ा में अभिलेखागार स्थापना की मांग, अधिवक्ताओं ने जिला न्यायाधीश को सौंपा अनुरोध पत्र
अमरवाड़ा//उग्र प्रभा
तहसील अधिवक्ता संघ अमरवाड़ा के समस्त अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को व्यवहार न्यायालय अमरवाड़ा में न्यायिक अभिलेखागार स्थापित किए जाने की मांग को लेकर माननीय जिला न्यायाधीश को अनुरोध पत्र सौंपा।
अधिवक्ताओं ने माननीय जिला न्यायाधीश श्री महेन्द्र कुमार उईके को अवगत कराया कि वर्ष 1975 से तहसील मुख्यालय अमरवाड़ा में व्यवहार न्यायालय संचालित है। वर्तमान में अमरवाड़ा न्यायालय में तीन तथा हर्रई न्यायालय में एक माननीय न्यायाधीश कार्यरत हैं। निराकृत प्रकरणों के अभिलेख वर्तमान में जिला मुख्यालय स्थित अभिलेखागार में सुरक्षित रखे जाते हैं, जिससे आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने में अधिवक्ताओं एवं पक्षकारों को कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
वरिष्ठ अधिवक्ता सुबोध श्रीवास्तव एवं तहसील अधिवक्ता संघ अध्यक्ष एस.एस.एच. रिजवी ने कहा कि अमरवाड़ा में अभिलेखागार की व्यवस्था होने से न्यायिक कार्यों में गति आएगी, समय की बचत होगी तथा आमजन को सुविधा मिलेगी। इसी के साथ अधिवक्ताओं ने न्यायालय से संबंधित अन्य आवश्यक मांगों को भी पत्र के माध्यम से प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर पूर्व अधिवक्ता संघ अध्यक्ष मनोज सराठे, संघ सचिव प्रफुल्ल चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष जगदीश वर्मा, कोषाध्यक्ष सीताराम कटारे, मनीष नेमा, शशिराम सूर्यवंशी, बृजमोहन वर्मा, मंजू डेहरिया, रवि पालीवाल, प्रेमभान शाह, संतलाल परतेती, श्रीमती नूपुर विश्वकर्मा, दुर्गेश वर्मा, सुनील डेहरिया, अंशुल जैन, नितेश प्रजापति, अली रिजवी, प्रदीप वर्मा, ललिता सिंगारे, सरस्वती ऊईके, कपिल पीपले, गज्जू डेहरिया, शीतल सूर्यवंशी सहित वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिवक्ता उपस्थित रहे।अधिवक्ताओं ने अपेक्षा जताई कि न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
