निवारी पौनार में चल रही शिवमहापुराण में सप्तम दिन की कथा में उमड़ा जन सैलाब निकली भव्य कलश यात्रा
छिंदवाड़ा/सिवनी (उग्र प्रभा )
छिंदवाड़ा और सिवनी जिले की मध्य सीमा पर स्थित छोटा सा ग्राम निवारी पौनार इन दिनों भक्ति और आस्था के महासागर में डूबा हुआ है। यहां आयोजित शिव महापुराण रुद्र ज्ञान यज्ञ के सप्तम दिवस शनिवार को श्रद्धा का विराट दृश्य देखने को मिला, जब गुरुदेव जगतगुरु शंकराचार्य नारायणानंद स्वामी जी के सानिध्य में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। गांव की गलियां हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठीं और पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया।
8 फरवरी से 16 फरवरी तक चल रहे इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन लगभग दस हजार श्रद्धालु शिवपुराण श्रवण करने पहुंच रहे हैं। छिंदवाड़ा और सिवनी जिले के अलावा अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचकर धर्म लाभ ले रहे हैं। छोटे से ग्राम निवारी में इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति इस आयोजन की भव्यता और आध्यात्मिक प्रभाव को दर्शा रही है। यह आयोजन क्षेत्र में तीसरी बार आयोजित किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और श्रद्धा देखने को मिल रही है।
कलश यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होकर निकली, जहां जगह-जगह श्रद्धालुओं ने गुरुदेव का स्वागत एवं पूजन किया। रथ पर विराजित जगतगुरु शंकराचार्य नारायणानंद स्वामी जी के साथ आकर्षक धार्मिक झांकियां भी प्रस्तुत की गईं। महादेव-पार्वती, राम-लक्ष्मण, सीता एवं हनुमान के स्वरूप में सजे नन्हे बाल कलाकार आकर्षण का केंद्र रहे।
विशेष बात यह है कि वर्ष 2023 के पूर्व महायज्ञ में पौनार (अमरवाड़ा) और निवारी (छपारा) के मध्य स्थान पर शिव मंदिर की आधारशिला रखी गई थी, जो अब पूर्ण रूप से बनकर तैयार हो चुकी है। नव निर्मित मध्येश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर 15 फरवरी की सुबह 9 बजे से विधिवत प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम प्रारंभ होगा, जिसके बाद अष्टम दिवस से शिव महापुराण कथा का शुभारंभ किया जाएगा।
कलश यात्रा के उपरांत शिव महापुराण स्थल पर ज्ञान गंगा प्रवचन आयोजित हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया। भक्ति, आस्था और उत्साह से परिपूर्ण यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बन गया है, बल्कि सिवनी और छिंदवाड़ा जिले की सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बन रहा है।


