Social news-11 वर्षों से सेवा का संकल्प — “नटनी माई सदैव सहयोग”
शादी के चार दिन पूर्व खिरेटी पहुँची समिति, 50 हजार की गृहस्थी सामग्री विधिवत सौंपी
“बेटियाँ घर की रोशनी होती हैं,
उनकी मुस्कान ही असली दौलत होती है…
और जब समाज साथ खड़ा हो जाए,
तो हर डोली इज़्ज़त से उठती है…”
अमरवाड़ा (उग्र प्रभा संपादक नीलेश डेहरिया )
बीते 11 वर्षों से निस्वार्थ समाजसेवा का संकल्प निभा रही श्री नटनी माई सेवा समिति एक बार फिर मानवता की मिसाल बनकर सामने आई है। “नटनी माई सदैव सहयोग” के भाव के साथ समिति अनाथ, पितृहीन और जरूरतमंद बेटियों की शिक्षा से लेकर विवाह तक हर कदम पर साथ खड़ी रहती है।इसी क्रम में अमरवाड़ा नगर से लगभग 18 किलोमीटर दूर ग्राम खिरेटी में एक पितृहीन बेटी के विवाह से चार दिन पूर्व समिति के सदस्य उसके घर पहुँचे
और विधिवत कार्यक्रम आयोजित कर लगभग 50 हजार रुपये की गृहस्थी सामग्री सौंपी।समिति का काफिला जब गाड़ियों में सामग्री लेकर गांव पहुँचा, तो ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के साथ आत्मीय स्वागत किया गया।
विवाह से पहले ही सम्मानपूर्वक सहायता मिलने से परिवार की चिंता कम हुई और गांव में उत्साह का माहौल बन गया।बेटी, जिसने जन्म से पहले ही पिता का साया खो दिया था, उसकी मां ने मजदूरी कर उसे एम.ए. तक पढ़ाया और पूरे सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ उसका विवाह तय किया। आर्थिक कठिनाइयों के बीच मां ने समिति से सहयोग मांगा, जिसे समिति ने अपना दायित्व समझा।शादी के चार दिन पूर्व समिति ने घर पहुँचकर पारंपरिक पैर पूजन कार्यक्रम के साथ अलमारी, ड्रेसिंग टेबल, पलंग, गद्दा, रजाई, चादर, साड़ियाँ, बर्तन, कुकर, कूलर, पंखा और अन्य आवश्यक गृहस्थी सामग्री और सभी सम्मानीय सदस्यों ने सपत्नी सहित बिटिया कें पैर पूजकर विधिवत भेंट की।
सामग्री को देखकर बेटी और उसकी मां की आँखों में खुशी के आँसू छलक उठे। उन्होंने इसे ईश्वर का आशीर्वाद बताया।समिति हर वर्ष समाजसेवियों के सहयोग से लगभग 25 पितृहीन बेटियों के विवाह में सामग्री भेंट कर उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन की नई शुरुआत देती है।
“समाजसेवा शब्द सुनने में आसान है,
पर निभाने के लिए दिल बड़ा चाहिए…
जो बिना अपेक्षा के साथ निभाए,
वही सच्चा समाजसेवी कहलाए…”
नटनी माई सेवा समिति का यह कार्य केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का सशक्त उदाहरण है। यह संदेश देता है कि जब समाज जागरूक और संगठित हो, तो कोई भी बेटी बेसहारा नहीं रहती।
“जहाँ सेवा संस्कार बन जाए,
वहाँ हर घर में खुशियाँ बस जाती हैं…”
विस्तार से
“सेवा का रास्ता आसान नहीं होता,
पर जो निस्वार्थ चल पड़े, वही समाज बदल देता है…
बेटियाँ जब मुस्कुराती हैं,
तो समझिए ईश्वर स्वयं आशीर्वाद देता है…”
अमरवाड़ पिछले 11 वर्षों से निरंतर निस्वार्थ समाजसेवा का कार्य कर रही श्री नटनी माई सेवा समिति एक बार फिर मानवता की मिसाल बनकर सामने आई है। “नटनी माई सदैव सहयोग” के संकल्प के साथ समिति अनाथ, पितृहीन और जरूरतमंद बेटियों की शिक्षा, भरण-पोषण और विवाह में निरंतर सहयोग कर रही है।
इसी क्रम में अमरवाड़ा नगर से लगभग 18 किलोमीटर दूर ग्राम खिरेटी में एक पितृहीन बेटी के विवाह से चार दिन पूर्व समिति के सदस्य उसके घर पहुँचे और विधिवत पैर पूजन कार्यक्रम के साथ लगभग 50 हजार रुपये की गृहस्थी सामग्री सौंपी।
जब समाजसेवियों का काफिला गाड़ियों में सामग्री लेकर गाँव पहुँचा, तो ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और पुष्पवर्षा के साथ आत्मीय स्वागत किया गया। विवाह से पूर्व सम्मानपूर्वक सहयोग मिलने से परिवार की चिंता कम हुई और पूरे गाँव में उत्साह का वातावरण बन गया।
समिति द्वारा अलमारी, ड्रेसिंग टेबल, कूलर, पंखा, ट्रॉली बैग, स्टील बर्तन, स्टील स्टैंड, स्टील टंकी, लकड़ी का पलंग, गद्दा, रजाई, चादर, तकिया, पाँच साड़ियाँ, छोटे बर्तन, 5 लीटर कुकर, किचन डिब्बे सहित अन्य गृहस्थी सामग्री भेंट की गई। सामग्री देखकर बेटी और उसकी माँ की आँखों में खुशी के आँसू छलक उठे। उन्होंने इसे ईश्वर का वरदान बताया।
यह बेटी जन्म से पहले ही पिता के साये से वंचित हो गई थी। माँ ने मजदूरी कर बेटी को एम.ए. तक पढ़ाया और पूरे सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ उसका विवाह लखनवाड़ा निवासी अरविंद पिता जयहिंद डेहरिया के साथ तय किया। आर्थिक कठिनाई सामने आने पर समिति ने जिम्मेदारी उठाई और सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष अरुण बूटी नेमा, संस्थापक राधेश्याम सोनी, कोषाध्यक्ष गणेश साहू, सह संरक्षक जयदेव शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमरवाड़ा अनुराग मिश्रा, बीईओ अमरवाड़ा विनोद वर्मा, बीआरसी अमरवाड़ा लोकेश तिवारी, माया पाठक, ममता तिवारी, गौरा मरावी, यशोदा साहू, मंजू लता सोनी, मुकेश सूर्यवंशी, पार्षद धनराज चंदेल, यज्ञ सूर्यवंशी, सुरलाखापा के रमेश साहू, पौनार के द्वारका वर्मा, सालीवाड़ा के पारस वर्मा, श्याम चौरसिया, ओमकार चौरसिया, परासिया के बसंत जायसवाल, पेटदेवरी के राधेलाल डेहरिया, भैयालाल डेहरिया, डेहरिया समाज जिला अध्यक्ष माया डेहरिया, अनारकली डेहरिया, रीना ठाकुर, रजनी सिसोदिया, दीपक डेहरिया, दीपक मालवीय, कमलेश मालवीय,ओमप्रकाश,अमर गिरी सहित अनेक समाजसेवी एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।समिति हर वर्ष समाजसेवियों के सहयोग से लगभग 25 पितृहीन बेटियों के विवाह में गृहस्थी सामग्री भेंट कर उन्हें सम्मानपूर्वक नई शुरुआत देती है।
“समाजसेवी और समाजसेवा शब्द तो बहुत सुने होंगे,
पर जो बिना स्वार्थ, बिना अपेक्षा के साथ खड़े हों,
वही सच्चे अर्थों में इंसानियत की मिसाल होते हैं…”
नटनी माई सेवा समिति का यह प्रयास केवल एक परिवार की मदद नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश है—
कि यदि हम सब मिलकर आगे आएं, तो कोई भी बेटी बेसहारा नहीं रहेगी।
“जहाँ सेवा संस्कार बन जाए,
वहाँ हर घर में खुशियों का दीप जलता है…”





