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भारतीय ज्ञान परंपरा पर तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस का भव्य समापन

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        मोहिता जगदेव

  उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा

"बीज केवल अनाज नही हमारी परम्परा ओर हमारी संस्कृति भी है"-- पद्मश्री बाबूलाल दहिया*

साहित्यिक विमर्श' को महज शब्दों का खेल न मानकर उसे संस्कृति, व्याकरण और तर्कशास्त्र के संगम के रूप में देखने का है।*--*डॉ. हीरामन तिवारी  जे. एन. यु*

उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा : भारतीय ज्ञान परंपरा पर  पाँच दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस  सम्पन्न हुई जिसका आयोजन आईपीएस (IPS) कॉलेज एवं राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय संयुक्त तत्वावधान में हुआ ।  तकनीकी सत्र में ​डॉ. डी. के. कपघते ने  फॉसिल्स (जीवाश्म) पर अपने व्याख्यान में  बताया कि कैसे जीवाश्म हमारे प्राचीन इतिहास और पारिस्थितिकी तंत्र को समझने में मदद करते हैं।

​डॉ. नवीन कांगो ने स्वस्थ जीवन के लिए गुड बैक्टीरिया' विषय पर अपने विचार रखे। आपने बताया कि सूक्ष्म जीव विज्ञान भारतीय आयुर्वेद और आहार पद्धति से कैसे गहराई से जुड़ा है।​कर्नल पंकज सिन्हा  ने  फाइनेंस लिटरेसी (वित्तीय साक्षरता) पर विचार रखे, जो आधुनिक समय में आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनिवार्य बतलाया​​। डॉ. कानूनगो ने  छिंदवाड़ा जिला अनहोनी ओर अन्य स्थानों में पाए जाने बाले वैक्टीरिया पर अध्ययन प्रस्तुत किया । डॉ  मिश्रा ने शोधकर्ताओं को संबोधित करते हुए सोध की बारीकियो से अवगत कराया,व भौतिकवाद के दौर में सतत व संतुलीत विकास पर जोर दिया।डॉ सैयद आरीफ वाली ने पर्यावरण सम्बन्धित समस्याओ पर प्रकाश डालते हुए , कार्बन क्रेडिट  के महत्व से अवगत कराया उज्जैन विश्वविद्यालय से प्रो एंड डायरेक्टर एवं डीन डॉ धर्मेंद्र मेहता  मेहता ने जीवन प्रबंधन के विभिन्न आयामो से अवगत कराया डॉ हीरामन तिवारी ने संवाद ,चिंतन,ओर भाषा के महत्व के विषय मे अपने विचार रखे। शोध प्रस्तुति के अंतर्गत 20 पोस्टर प्रस्तूत किये गए  एवं 26 शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए, जिसमें भारतीय ज्ञान के विभिन्न आयामों पर चर्चा की गई। ------------

समापन सत्र भारतीय  कृषि विरासत को समर्पित रहा


​पद्मश्री बाबूलाल दहिया ने  अपनी 'बीज संरक्षण की यात्रा' से सभी को अवगत कराया। उन्होंने लुप्त होती पारंपरिक फसलों और बीजों को बचाने के अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा की।कुलगुरु राजा शंकर विश्वविद्यालय प्रो आई पी त्रिपाठी ने विभिन्न  लोकोक्ति  के माध्यम से  क्षेत्रीय भाषाओं में छिपे विज्ञान को ओर भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न आयामो से अवगत कराया साथ ही इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की बात रखी। आईपीएस कॉलेज प्राचार्य डॉ जैमिनी खानवे ने आभार व्यक्त करते हुए इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करने बाले  सभी लोगो को धन्यवाद ज्ञापित किया इस अवसर पर संयोजक डॉ रणधीर झा शा.एक्सीलेंस पी.जी. कॉलेज प्रचार्य  डॉ लक्ष्मीचंद बड़गैया, डॉ अमर सिंह, डॉ आर.पी यादव,डॉ राजेन्द्र  मिश्रा  एवं आयोजन समिति के सदस्य  डॉ अन्नू झा ,डॉ अंकिता सिंह, प्रो . अमित गजभिये प्रो विनोद साहू , प्रो रितेश मालवीय , प्रो असीम शर्मा राजकुमार पहाड़े अश्विन शेंडे उपस्तिथ रहे।

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