मोहिता जगदेव
उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा
पर्यावरण असंतुलन मानव अस्तित्व के लिए तबाही है": कुलगुरू प्रो. इन्द्र प्रसाद त्रिपाठी
" पर्यावरण संरक्षण लोकहितार्थ सबसे ज्वलंत मुद्दा है": अतिरिक्त संचालक प्रो. पी. आर. चंदेलकर
" सांसों के मोल चुकाने की सनक पर विकास घातक है": प्राचार्य प्रो. अमर सिंह
उग्र प्रभा समाचार, छिंदवाड़ा: पर्यावरण नियोजन, समन्वय संगठन, इको क्लब एवम आई क्यू ए सी के संयुक्त तत्वावधान में शासकीय महाविद्यालय उमरानाला में प्राचार्य प्रो. ए. एन. के. राव के संरक्षण में "भारतीय ज्ञान परंपरा में अंतर्निहित पर्यावरण: सूक्ष्म अंतर्दृष्टि" विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमीनार के मुख्य अतिथि राजा शंकरशाह विश्वविद्यालय छिंदवाड़ा के कुलगुरू प्रो. इन्द्र प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि विकास की आंधी में पर्यावरण संतुलन मानव के भावी अस्तित्व के लिए अपरिहार्य है। सेमीनार के मुख्य संरक्षक उच्च शिक्षा विभाग जबलपुर के अतिरिक्त संचालक प्रो. पी. आर. चंदेलकर ने पर्यावरणीय संरक्षण की चेतना वृद्धि को मानवता के हितार्थ वैश्विक परिप्रेक्ष्य में ज्वलंत मुद्दा बताया। शासकीय महाविद्यालय चांद के प्राचार्य प्रो. अमर सिंह ने पर्यावरणीय प्रदूषण को हरित क्रांति के माध्यम से दूर करके मनुष्य की सांसों को विशुद्ध बनाए रखने पर जोर दिया। उद्घाटन समारोह के अध्यक्ष प्रो. ए. एन. के. राव ने भारतीय ज्ञान परंपरा में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सूक्ष्म अंतर्दृष्टि से गौर करने पर जोर दिया। सेमिनार संयोजिका श्रीमती रूपाली ठाकुर व सचिव आई. क्यू. ए. सी. प्रभारी डॉ. प्रशांत महाजन के द्वारा महाविद्यालय परिसर में नक्षत्र वाटिका, राशि वाटिका, नवग्रह वाटिका एवं औषधीय वाटिकओं का निर्माण एवं 145 पौधों का आरोपन किया गया l पैनल चर्चा में मुख्य वक्ता के रूप मे डॉ. हिमांशु तिवारी सहा. प्राध्या. किशोरी रमण महा.उत्तर प्रदेश, विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ. नवीन चौरसिया सहा.प्राध्या. शा. महा .बिछुआ, डॉ. जगदीश पटैया सहा.प्राध्या. शा.महा.आमला बैतूल एवं डॉ. प्रज्ञा गुप्ता सहा.प्राध्या. शा.महा. नरसिंहपुर की उपस्थिति रही।
अतिथियों के रूप में डॉ. शिवचरण मेश्राम प्राचार्य शा.महा. अमरवाड़ा, डॉ. अशोक बारासिया प्राचार्य शा.महा. परासिया, डॉ. आर.पी.यादव प्राचार्य शा.महा. बिछुआ, श्री मुकेश कुमार ठाकुर प्राचार्य शा.महा.चौरई, आदि की गरिमामई उपस्थिति रही। श्रीमती कृष्णा शर्मा प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय नरसिंहपुर से ऑनलाइन उपस्थित रही। सेमीनार में श्रीमती आकांक्षा पांडे ,श्रीमती सांची शर्मा, डॉ. हरलीन रूपरा एवं सुश्री अनुषा गुप्ता ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। समस्त वाटिकओं का लोकार्पण सम्माननीय अतिथियो द्वारा किया गया l राष्ट्रीय सेमीनार में आयोजन समिति के सदस्य डॉ. जी. एस. आर. नायडू, डॉ. उमेद विश्वकर्मा, डॉ. गौरी बेद एवं सुकलाल डेहरिया का विशेष योगदान रहा।

