मोहिता जगदेव
उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा
चांद कालेज में वंदे मातरम् के सांस्कृतिक महत्व पर व्याख्यान
"वंदे मातरम् भारत के सांस्कृतिक गौरव की विरासत है": प्रो.अमर सिंह
उग्र प्रभा समाचार,चांद छिंदवाड़ा: शासकीय महाविद्यालय चांद में वंदे मातरम् की 150 वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रीय सेवा योजना, व्यक्तित्व विकास और रेड रिबन क्लब द्वारा आयोजित व्याख्यान में प्राचार्य प्रो. अमर सिंह ने कहा कि वंदे मातरम् गीत भारतीय आजादी के आंदोलन की वह आत्मा है, जो सदियों तक राष्ट्रीयता की भावना को पुष्ट करता रहेगा। यह गीत एक धरोहर है, जो भारत के एकीकरण होने के सांस्कृतिक गौरव का संरक्षक है। इस गीत की अभिप्रेरणा से आज का विकासशील भारत विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में आधार भूमि का काम कर सकती है। प्रो. रजनी कवरेती ने कहा कि पीढ़ियों के बलिदान का यह प्रतीक गीत भारत के उज्जवल भविष्य को गढ़ने के लिए केंद्रीय चेतना का स्वरूप है। प्रो. लक्ष्मण उइके ने कहा कि यह गीत मातृभूमि की अवधारणा को राजनैतिक मतभेदों से परे रखने पर जोर देता है।
वंदे मातरम् विकसित भारत के स्वप्न की आधार भूमि है": प्रो. अमर सिंह
वंदे मातरम् गीत हर भारतीय को वतन के प्रति जिम्मेदारी के निर्वहन के प्रति आगाह करता है: प्रो रक्षा उपश्याम
प्रो. राजकुमार पहाड़े ने कहा कि वंदे मातरम् गीत आजादी के दीवानों के त्याग की अतीत की सुनहरी यादों को को अपने दामन में सजोए हुए है। प्रो. सुरेखा तेलकर ने कहा कि यह गीत जल जंगल और जमीन के संरक्षण के साथ हरित क्रांति लाने की ओर हम सभी का ध्यान आकर्षित करता है। प्रो. रक्षा उपश्याम ने कहा कि वंदे मातरम् गीत हर भारतीय को वतन के प्रति जिम्मेदारी के निर्वहन के प्रति आगाह करता है। वंदे मातरम् की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को और पारदर्शी बनाने के लिए छात्रों के बीच गीत, निबंध और स्लोगन स्पर्धाओं का भी आयोजन किया गया।

