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राजा शंकरशाह वि. वि. के त्रिदिवसीय युवा उत्सव का भव्य समापन

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        मोहिता जगदेव

  उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा 

"महकते किरदार से बेहतर कोई इत्र नहीं होता है": कुलगुरू प्रो. इन्द्र प्रसाद त्रिपाठी

"उच्च शिक्षा की दृष्टि महामानव गढ़ने की प्रयोगशाला है ": भजनलाल चोपड़े

" सकारात्मक सोच की दृष्टि के भागीरथी प्रयासों से सपने साकार होते हैं": राजेश जुनेजा 

"हर व्यक्ति अपने आत्मविकास की ऊंचाई तक उड़ता है,": प्रो. अमर सिंह 

उग्र प्रभा समाचार, छिंदवाड़ा: राजा शंकरशाह विश्वविद्यालय छिंदवाड़ा द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय युवा उत्सव के समापन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि अधिवक्ता भजनलाल चोपड़े ने कहा कि उच्च शिक्षा की दृष्टि महामानव गढ़ने की प्रयोगशाला है। छात्र अपने संस्कारी पुरुषार्थ से आत्मोत्कर्ष के उत्सव को मनाएं। विशिष्ट अतिथि उद्योगपति राजेश जुनेजा ने कहा कि सकारात्मक सोच के भागीरथी प्रयासों से संभावनाओं की मंदाकिनी को धरा पर उतारा जा सकता है। किरदार का निर्वहन ऐसे करें कि मिसाल बन जाए। समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलगुरू प्रो. इन्द्र प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि महकते किरदार से बेहतर कोई इत्र नहीं होता है।


संकल्प की शक्ति से मुश्किलों के पहाड़ को खिसकाया जा सकता है। कुलसचिव प्रो. युवराज पाटिल ने कहा कि हर छात्र में अपनी अंतर्निहित संभावनाओं को बुलंद करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़नी चाहिए। सहजता की परिधि पर संभावनाओं के समंदर बहते हैं। छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. जगदीश वाहने ने कहा कि ऐसा कोई हुनर नहीं होता है, जिसकी कदर नहीं होती है। प्रो. धनाराम उइके ने कहा कि युवा उत्सव स्वयं को सर्वोत्तम ढांचे में ढालने का उत्सव है। हर रोज अपनी ही हदों को तोड़कर अपने किरदार को बेहद बनाया जा सकता है। प्रो. अमर सिंह ने कहा कि हर मनुष्य अपने आत्मविश्वास की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। शिक्षा चित्त की संस्कार भूमि को उर्वर करने का जरिया है। सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से लबालब संप्रेषण कौशल अपने कमाल अवश्य दिखाता है। मणि घर्षण से और मनुष्य प्रशिक्षण से निखरता है। सभी विजेता प्रतिभागियों को मेडल और ट्रॉफियों से सम्मानित किया गया।

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