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चांद कालेज में "छात्रों का समाज से संवाद" पर कार्यशाला

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       मोहिता जगदेव

  उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा

अनुशासन शक्ति है, स्वच्छता दिव्यता है, सेवा ही पुण्य है ": श्यामल राव 

छात्र सामाजिक उत्तरदायित्व निर्वहन में संवेदनशील बनें ": प्रो. अमर सिंह 


 उग्र प्रभा समाचार ,चांद छिंदवाड़ा: शासकीय महाविद्यालय चांद में सावित्री पाठक सामाजिक एवं गैर औपचारिक शिक्षा के अन्तर्गत गुरुकुल सेवा समिति द्वारा छात्रों का समाज से संवाद को केंद्र में रखकर आयोजित कार्यशाला में प्रमुख स्त्रोत वक्ता श्यामल राव ने कहा कि छात्र सनातन संस्कृति की जीवन शैली जीकर हमारा समाज जो चाहता है, उसकी आवाज बनें। व्यक्तिगत अनुशासन सर्वोच्च शक्ति की निधि है, स्वच्छता ही दिव्य आचरण है और और सेवा से बड़ा कोई और पुण्य नहीं है। छात्रों की समाज को देखने की दृष्टि  ऐसी होनी चाहिए कि समाज केवल लोगों का समूह न दिखे, अपितु एक जीवित संगठन लगे। छात्र समाज से संवाद करते हुए लोगों से पूछें कि क्या वे सुरक्षित महसूस करते हैं, क्या उनको अपनी बात कहने का अवसर मिलता है और उनके सुझाव व शिकायतें क्या हैं। इसके साथ छात्र समाज के लोगों से पूछें कि उनके अधिकार और कर्तव्य क्या हैं। छात्रों को यह भी पता होना चाहिए कि परिवार समाज का पहला विद्यालय होता है, और परिवार में स्त्री की भूमिका और उसका समाज पर उनके प्रभाव को नकारा नहीं जा सकता है। प्राचार्य प्रो. अमर सिंह ने कहा कि सच्चा मित्र वही होता है जो समाज की भलाई में अपने मित्र का साथ दे। सच्चा नागरिक वही होता है जो समाज में अपने उत्तरदायित्व का पालन करते हुए दिव्यागों के प्रति सच्ची संवेदना रखे। छात्र अपने परिवेश को समझें और समाज के वास्तविक अनुभवों को महसूस करें। कार्यशाला में प्रो. रजनी कवरेती, प्रो. लक्ष्मण उइके, प्रो. राजकुमार पहाड़े, प्रो. सकरलाल बट्टी, प्रो. सुरेखा तेलकर एवं प्रो. रक्षा उपश्याम ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

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