मोहिता जगदेव
उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा
चांद कालेज में रासेयो द्वारा आपदा प्रबंधन पर कार्यशाला आयोजित
"प्रतिकूल के प्रति प्रतिक्रिया भावी जीवन को गढ़ती है": गणेश कुमार धुर्वे
"आपदा से जूझना आत्मा को नवीन आकार देना है": श्यामल राव
"विपत्ति महानता की तैयारी हेतु नींव का काम करती है ": अर्पित सिंह रघुवंशी
उग्र प्रभा समाचार,चांद छिंदवाड़ा: शासकीय महाविद्यालय चांद में राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा आपदा प्रबंधन प्राधिकरण छिंदवाड़ा के अध्यक्ष कलेक्टर शीलेंद्र सिंह के निर्देशन में होमगार्ड कमांडेंट एवं सिविल डिफेंस के नोडल अधिकारी एस. आर. आजमी के मार्गदर्शन में आपदाओं के मुश्किल वक्त में क्या करें और क्या न करें विषयक जानकारी देते हुए प्लाटून कमांडर गणेश कुमार धुर्वे ने कहा कि अतिवृष्टि, भूस्खलन व सुनामी प्राकृतिक विपदाओं को रोका नहीं जा सकता है किंतु उनके द्वारा होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। प्रतिकूलता के प्रति प्रतिक्रिया से ही भावी जीवन की कहानी गढ़ी जाती है। विपदाएं मनुष्य के साहस की परीक्षा लेती हैं। मानवता और प्राकृतिक विपदाएं कभी मित्र नहीं हो सकती हैं। धैर्य आपदाओं से निपटने का पहला सूत्र है। जागरूकता से आपदाओं के असर को कम किया जा सकता है। सिविल डिफेंस के सब डिवीजन वार्डन श्यामलराव ने कहा कि सूखा, जंगल की आग और बिजली के गिरने जैसी आपदाओं से नुकसान को प्रबंधन से बहुत हद तक कम कर सकते हैं। हम प्रकृति के विनाशकारी मार्ग को नहीं बदल सकते हैं। किन्तु सावधानी, सजगता और शांत मन से आपदाओं से होने वाली हानि को कम कर सकते हैं। आपदाएं विभीषिका में छिपी चुनौतियों से आत्मा को एक नवीन आकार देती हैं। सिविल डिफेंस मास्टर ट्रेनर अर्पित सिंह रघुवंशी ने सांप के काटने की आपदा प्रबंधन पर प्रेरक व्याख्यान देते हुए कहा कि बुरे वक्त से बाहर निकलकर व्यक्ति साहसी हो जाता है। विपत्ति महानता की तैयारी की नींव होती है। प्राचार्य प्रो. अमर सिंह ने कहा कि मणि घर्षण बिना और मनुष्य प्रशिक्षण बिना चमकते नहीं हैं। ताकत शारीरिक क्षमता से नहीं, अदम्य इच्छा शक्ति से आती है। विपत्ति मनुष्य बनाती है और समृद्धि राक्षस बनाती है। एसडीईआरएफ जवान अजय धुर्वे ने कहा कि तार्किक सावधानी ही सुरक्षा है। एसडीईआरएफ अंकित मालवी ने कहा कि आपदा में घबड़ाहट सारे काम बिगाड़ देती है।

