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     मोहिता जगदेव

उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा

बड़ी - बड़ी ऊँचाई तय करने के लिए कई कठिनाइयों को लड़कर पार करना होगा :लेफ्टिनेंट डॉ. शेखर ब्रह्मणे "

टीम वर्क सफलता का सबसे बड़ा हिस्सा है "केडिट्स नम्रता कुडोपा

पहाड़ ने  ऊँचाई से ज्यादा विनम्रता सिखाया 

 आपकी शुरुआत छोटी हो सकती है परन्तु सपना बड़ा होना जरूरी है


डर को डिसीजन का मालिक नहीं बनने देना है

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस छिन्दवाड़ा मे सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘नमो सेवा कहानी सफलता की’ कार्यक्रम आयोजित 

महाविद्यालय के पर्वतारोहियों ने विद्यार्थियों से साझा किए रोमांचक पर्वतारोहण अनुभव, हाई एल्टीट्यूड की चुनौतियों से कराया परिचित

उग्र प्रभा समाचार,छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों एवं प्रेरणादायी कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, छिंदवाड़ा में प्राचार्य डॉ अनिल जैन ' के संरक्षण , कार्यक्रम नोडल डॉ. सनेसर सर के निर्देशन 'आयोजन एवं संचालन महाविद्यालय के NCC अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. शेखर ब्रह्मणे के नेतृत्व में " ‘नमो सेवा कहानी सफलता की’ के अंतर्गत महाविद्यालय के पर्वतारोहियों की सफलता की कहानी एवं अनुभव साझा करने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्रोफेसर्स, प्राध्यापकगण, मीडिया समीति संयोजक डॉ सीमा सूर्यवंशी सदस्य - डॉ. हर्पुल रघुवंशी साथ ही विद्यार्थी एवं NCC कैडेट्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालय के ही युवाओं की उपलब्धियों और संघर्षपूर्ण यात्राओं से परिचित कराते हुए उनमें साहस, अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, दृढ़ संकल्प और चुनौतियों का सामना करने की भावना विकसित करना रहा।

16,460 फीट पर तिरंगा फहराने का अनुभव साझा किया

कार्यक्रम में महाविद्यालय के पर्वतारोही एवं NCC अंडर ऑफिसर जतिन बन्देवार ने अपने पर्वतारोहण अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उन्होंने अपने NIMAS (National Institute of Mountaineering and Adventure Sports), अरुणाचल प्रदेश के 28 दिवसीय बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स के दौरान प्राप्त अनुभवों के बारे में विस्तार से बताया। जतिन बन्देवार ने बताया कि पर्वतारोहण के दौरान सामान्य परिस्थितियों की तुलना में ऊंचाई बढ़ने के साथ चुनौतियां भी बढ़ती जाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को हाई एल्टीट्यूड पर ऑक्सीजन की कमी, अत्यधिक ठंड, बर्फीले एवं कठिन भू-भाग, मौसम में अचानक बदलाव, शारीरिक थकान तथा मानसिक दबाव जैसी परिस्थितियों के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि पर्वतारोहण में केवल शारीरिक क्षमता ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना, टीम के साथ समन्वय, अनुशासन और सही निर्णय लेने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होती है।जतिन ने अपने हालिया अभियान के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने NIMAS के 28 दिवसीय बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स के दौरान माउंट गोरिचेन क्षेत्र में लगभग 16,460 फीट की ऊंचाई पर तिरंगा फहराया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने प्रशिक्षण से लेकर पर्वतीय क्षेत्र में अभियान तक की यात्रा के विभिन्न अनुभवों से अवगत कराया।


18,372 फीट पर नम्रता ने फहराया तिरंगा

कार्यक्रम में महाविद्यालय की पर्वतारोही एवं NCC कैडेट नम्रता कुडोपा ने भी अपने एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स एवं पर्वतारोहण अभियानों के अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए। नम्रता ने अपने पर्वतारोहण अभियान के दौरान पश्चिम सिक्किम स्थित माउंट ब्रुमक्हांसे (Mt. Brumkhanse) की लगभग 18,372 फीट की ऊंचाई पर तिरंगा फहराने के अनुभव के बारे में बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्वतारोहण की तैयारी, कठिन चढ़ाई, मौसम की चुनौती, टीमवर्क तथा अभियान के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि पर्वतारोहण के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए लगातार अभ्यास, प्रशिक्षण, अनुशासन और मानसिक दृढ़ता आवश्यक है। अपने अनुभवों के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि कठिन लक्ष्य को छोटे-छोटे चरणों में बांटकर निरंतर प्रयास किया जाए तो चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी आगे बढ़ा जा सकता है।

NCC ने दिया आगे बढ़ने का मंच

कार्यक्रम के दौरान जतिन बन्देवार और नम्रता कुडोपा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि NCC ने उनके व्यक्तित्व विकास और साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। NCC के माध्यम से उन्हें विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों, साहसिक गतिविधियों और पर्वतारोहण से जुड़े अवसरों से जुड़ने का अवसर मिला। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि NCC केवल अनुशासन और परेड तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से युवाओं को नेतृत्व, टीमवर्क, आत्मविश्वास, साहसिक गतिविधियों और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने के अनेक अवसर प्राप्त होते हैं।

विद्यार्थियों ने उत्सुकता से सुने अनुभव

कार्यक्रम में उपस्थित महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं NCC कैडेट्स ने पर्वतारोहियों के अनुभवों को अत्यंत उत्सुकता के साथ सुना। विद्यार्थियों ने हाई एल्टीट्यूड पर जीवन, पर्वतारोहण प्रशिक्षण, शारीरिक तैयारी, मानसिक दृढ़ता, सुरक्षा उपायों तथा NCC के माध्यम से मिलने वाले अवसरों से संबंधित विभिन्न प्रश्न भी पूछे।

पर्वतारोहियों ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए अपने वास्तविक अनुभव साझा किए तथा उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर मेहनत करने और उपलब्ध अवसरों का सदुपयोग करने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, विभिन्न विभागों के प्रोफेसर्स, विद्यार्थी एवं NCC कैडेट्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम NCC अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. शेखर ब्रह्मणे के नेतृत्व में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के बीच यह संदेश पहुंचाया कि सफलता केवल बड़े संसाधनों से नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन, निरंतर प्रयास और कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने के साहस से प्राप्त की जा सकती है। महाविद्यालय के ही पर्वतारोहियों की उपलब्धियों और अनुभवों ने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहने तथा नई चुनौतियों को स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया।

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