*आनंद ही आनंद: ग्राम पंचायत डुंगारिया रैयत में शासन की मंशानुसार भव्य आनंद उत्सव सम्पन्न
*खेल, संस्कृति और सामूहिक सहभागिता से ग्रामीणों ने महसूस किया सच्चा आनंद
अमरवाड़ा //उग्र प्रभा
अमरवाड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत डुंगारिया रैयत में शासन की मंशानुसार आनंद उत्सव का आयोजन हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भौतिक सुखों से इतर खेल, सांस्कृतिक एवं सामाजिक समरसता से जुड़ी सामूहिक गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों को आनंद की अनुभूति कराना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। अतिथियों का स्वागत पुष्पमालाओं से किया गया। इसके पश्चात शासकीय माध्यमिक शाला घुघरला कला, डुंगारिया रैयत एवं पिपरिया मानु के विद्यार्थियों द्वारा रिकॉर्डेड नृत्य, गीत गायन एवं कबड्डी प्रतियोगिता की आकर्षक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा।
वरिष्ठ सीनियर टीम द्वारा सजनई गायन, भजन एवं लोक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने आयोजन को और भी यादगार बना दिया। डुंगारिया, घुघरला एवं पौनार क्षेत्र के वरिष्ठजनों ने ढोलक, टिमकी, मंजीरा झांझ की धून एवं हारमोनियम के साथ सामूहिक गायन कर माहौल को संगीतमय बना दिया। बच्चों एवं युवाओं ने खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए उत्साह का परिचय दिया। छात्र छात्राओं के बीच अलग अलग टीमों के बीच कबड्डी प्रतियोगिता पौनार डुंगारिया घुघरला पिपरिया के बीच आयोजित की गई।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्था उग्र प्रभा जनकल्याण समिति की सक्रिय उपस्थिति रही,
प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण कर उत्साहवर्धन किया गया, वहीं सभी उपस्थितों को स्वल्पाहार वितरण भी किया गया।आनंद का उद्देश्य बताते हुए नवांकुर संस्था उग्र प्रभा जनकल्याण समिति के अध्यक्ष ने उद्बोधन दिया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से पौनार सरपंच देवेन्द्र राजपूत, डुंगारिया सरपंच सुखमान मान उइके, पुत्तर्रा सरपंच श्रीमती भलावी, जनपद सदस्य सुरेन्द्र भलावी, नवांकुर संस्था उग्र प्रभा जनकल्याण समिति के अध्यक्ष नीलेश डेहरिया, नोडल अधिकारी पंचायत सचिव तुलाराम भलावी, नरेश डेहरिया, रामगोपाल भलावी, पदम डेहरिया, शिक्षक राजकुमार डेहरिया, योगेश मुढिया, श्रीमती ममता वर्मा सहित शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी महिला-पुरुष उपस्थित रहे।
आनंद उत्सव ने सामाजिक समरसता, सहभागिता एवं सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देते हुए ग्रामीणों को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया।
