हरियाली अमावस्या पर नवांकुर सखी कार्यक्रम एवं तिरंगा यात्रा संपन्न
अमरवाड़ा //उग्र प्रभा
हरियाली अमावस्या के अवसर पर बुधवार, 12 अगस्त 2026 को ग्राम सुखारी कला में नवांकुर सखी कार्यक्रम, पौधा वितरण, कलश यात्रा एवं तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री अखिलेश जैन के निर्देशन एवं विकासखंड समन्वयक सुश्री वंदना राकेशिया के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।कार्यक्रम का आयोजन सेक्टर क्रमांक-03 से चयनित नवांकुर संस्था स्वामी विवेकानंद ग्रामोंत्थान समिति के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नवांकुर सखियों को आमंत्रित कर भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। इसके पश्चात संस्था की ओर से नवांकुर सखियों को विभिन्न फलदार एवं उपयोगी पौधों का वितरण किया गया।
🌱 नवांकुर सखियों को वितरित किए फलदार पौधे
पौधा वितरण कार्यक्रम में आम, अमरूद, जामुन, नींबू, कटहल, बेल, आंवला एवं मुनगा सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे वितरित किए गए। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की नियमित देखभाल एवं सुरक्षा के लिए प्रेरित किया गया।इसके बाद नवांकुर सखियों के साथ कलश यात्रा एवं पौधा यात्रा निकाली गई। यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन करते हुए ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली का संदेश दिया गया।
🇮🇳 तिरंगा यात्रा में विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम के दौरान तिरंगा यात्रा भी निकाली गई, जिसमें विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकगण ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। हाथों में तिरंगा लेकर विद्यार्थियों ने राष्ट्रप्रेम एवं देशभक्ति का संदेश दिया।
सरपंच सहित जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण रहे उपस्थित
नवांकुर सखी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्राम पंचायत सुखारी कला के सरपंच श्री गुरुदयाल वर्मा रहे। कार्यक्रम में विकासखंड समन्वयक सुश्री वंदना राकेशिया, मेंटर डॉ. राजकुमार मालवी, नवांकुर संस्था स्वामी विवेकानंद ग्रामोंत्थान समिति के अध्यक्ष सूरसिंह वर्मा एवं सचिव संजय कुमार साहू, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति सुखारी के अध्यक्ष अभय वर्मा एवं सचिव टीकाराम वर्मा सहित समिति के सदस्य, CMCLDP स्टूडेंट खुशबु गुनहेरे एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण, महिला सहभागिता, ग्रामीण जनभागीदारी और राष्ट्रभक्ति का सुंदर संदेश दिया। हरियाली अमावस्या पर पौधों के वितरण एवं तिरंगा यात्रा के माध्यम से ग्रामीणों को प्रकृति और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

